रणदीप दुबे | चरही चुरचू प्रखंड के चरही पंचायत स्थित परियोजना बालिका उच्च विद्यालय परिसर में बना तीन मंजिला छात्रावास सरकारी लापरवाही की मिसाल बन गया है। लगभग वर्ष 2017-18 में करीब 5 करोड़ की लागत से तैयार यह भवन छात्राओं के आवास और सुरक्षित शिक्षा के उद्देश्य से बनाया गया था। यहां तीन मंजिला बिल्डिंग, कैंटीन, डाइनिंग हॉल, पानी-बिजली और अन्य सभी सुविधाएं मौजूद हैं। लेकिन हैरानी की हद तब पार हो जाती है जब पता चलता है कि निर्माण के 7 साल से अधिक वक्त बीत जाने के बाद भी यहां एक भी छात्रा आज तक नहीं रही।हजारीबाग के जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने स्पष्ट कहा कि यह भवन हमारे विभाग के अंतर्गत नहीं आता। कल्याण विभाग से पता कीजिए। इसके बाद जब जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं सेवानिवृत्त हो गया हूं लेकिन जहां तक मुझे जानकारी है, यह छात्रावास कल्याण विभाग ने नहीं बनवाया है। वहीं विभाग के सबसे पुराने कर्मी प्रवीण बाखला ने भी कहा कि चुरचू प्रखंड में कल्याण विभाग द्वारा अब तक कोई छात्रावास निर्माण नहीं कराया गया। अब सवाल यह है कि 5 करोड़ रुपये की यह इमारत आखिर किसने बनवाई? किस फंड से? किस विभाग की अनुमति से? और आज तक हस्तांतरण क्यों नहीं हुआ? स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन निर्माण केवल तत्कालीन ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की कमाई का साधन बन कर रह गया। जब विद्यालय परिसर की चहारदीवारी नहीं थी, तब छात्रावास परिसर शराबियों और जुआ खेलने वालों का अड्डा बन चुका था। अब दीवार बनने के बाद प्रवेश सीमित है, लेकिन भवन पूरी तरह बंद है और बेकार पड़ा हुआ है।


