झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई है। रांची नगर निगम चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने वार्डों के आरक्षण का गजट प्रकाशित कर दिया है। वार्डों के आरक्षण ने एक दर्जन से अधिक वार्डों का समीकरण बिगाड़ दिया है। पांच निवर्तमान पार्षदों के वार्ड आरक्षित होने की वजह से उनका चुनाव लड़ना मुश्किल हो गया है। अब वे चुनाव लड़ने का जुगाड़ लगा रहे हैं। जबकि, दूसरी आेर पांच निवर्तमान पार्षदों का वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हो गया है। ऐसे में उन्होंने अपनी प|ियों को चुनाव लड़ाने का फैसला किया है। मतलब पांच वार्डों में उनकी प|ियां घर की दहलीज लांघकर जनता की सेवा में जुटेगी। वहीं, 53 में दो वार्ड ऐसे हैं, जिसमें निवर्तमान पार्षद महिला थी, लेकिन अब वह वार्ड महिला आरक्षण से मुक्त हो गया है। ऐसे में दो वार्ड से उनके पति इस बार मोर्चा संभालेंगे। वहीं, एक वार्ड 30 ऐसा वार्ड है जहां से निवर्तमान पार्षद रीमा देवी की भाभी सोनी देवी चुनाव लड़ेगी। वहीं, दो वार्ड ऐसे हैं जो पहले महिला आरक्षित थे, लेकिन इस बार वह अन्य के लिए हो गए । ऐसे में इस बार चुनाव पति या प|ी कौन लड़ेगा यह तय नहीं है। यहां पति संभालेंगे मोर्चा वार्ड नंबर- 22 पहले कौन थीं पार्षद- नाजिया असलम अब किसकी दावेदारी- मो. असलम, पति पहले भी पार्षद रह चुके हैं। क्यों- वार्ड आेबीसी अन्य के लिए रिजर्व। महिला या पुरुष लड़ सकते हैं। वार्ड नंबर – 10 पहले कौन थे पार्षद- अर्जुन यादव अब किसकी दावेदारी- संगीता देवी, प|ी, यह पहले भी पार्षद रह चुकी। क्यों- सीट सामान्य महिला के लिए हो गई है। पूर्व में भी प|ी पार्षद बनी थी। वार्ड- 35 पहले कौन थे पार्षद- झरी लिंडा अब किसकी दावेदारी- रजनी लिंडा, प|ी क्यों- पहले यह अनुसूचित जनजाति अन्य के लिए आरक्षित था अब महिला के लिए आरक्षित हो गया। वार्ड नंबर – 02 पहले कौन थे पार्षद – गुंदरा उरांव अब किसकी दावेदारी – सरिता देवी, प|ी क्यों- वार्ड एसटी महिला के लिए आरक्षित होने की वजह से प|ी को चुनाव लड़ाएंगे। वार्ड नंबर – 14 पहले कौन थे पार्षद- दिनेश राम अब किसकी दावेदारी- रूपा रानी, प|ी क्यों- यह वार्ड अब अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो गई है। वार्ड- 32 पहले कौन थीं पार्षद- सुनीता देवी अब किसकी दावेदारी- संजय कुमार,पति क्यों- पहले यह वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित था। अब सामान्य अन्य हो गया है। वार्ड – 42 पहले कौन थे पार्षद- कृष्ण महतो अब किसकी दावेदारी- ममता देवी क्यों- पहले यह वार्ड सामान्य अन्य के लिए था। अब सामान्य महिला के लिए आरक्षित। नए पार्षद चुनेंगे डिप्टी मेयर वार्डों के आरक्षण से सबसे बड़ा नुकसान रांची के पू्र्व डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय को होगा। क्योंकि, सरकार के नए नियम के मुताबिक डिप्टी मेयर का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं होगा। चुने गए पार्षद डिप्टी मेयर का चुनाव करेंगे। ऐसे में संजीव विजयवर्गीय के लिए चुनाव लड़ना मुश्किल है। क्योंकि, सामान्यत: वे वार्ड नंबर 8 या 10 से चुनाव लड़ सकते थे। ये दोनों वार्ड के आसपास के वार्डों को भी आरक्षित कर दिया गया है। ऐसे में उनका चुनाव लड़ना मुश्किल है। ऐसे में वार्ड नंबर 8 या 10 से संजीव विजयवर्गीय अपने परिवार के किसी सदस्य को उतार सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया। दूसरी आेर भाजपा समर्थित वैसे पार्षद जो बोर्ड में मुखर होते थे, वे इस बार चुनाव लड़ने से वंचित हो जाएंगे। वार्ड – 30 कौन थीं पार्षद- रीमा देवी अब किसकी दावेदारी- सोनी देवी भाभी, क्यों- यह वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित। इन वार्डों में पत्नियों को उतारेंगे निवर्तमान पार्षद ये नहीं लड़ पाएंगे चुनाव यहां ननद बनाम भाभी राजनीति दल भी समीकरण बैठाने में जुटे, प्रत्याशी चयन पर निगाहें वार्ड- 11 पहले कौन थे पार्षद- रंजू सिंह अब क्यों नहीं- यह वार्ड आेबीसी वन के लिए रिजर्व हो गया है। वार्ड – 15 पहले कौन थे पार्षद- जेरमिन कुजूर अब क्यों नहीं- यह वार्ड आेबीसी वन के लिए रिजर्व हो गया है। वार्ड – 17 पहले कौन थे पार्षद- शबाना खान अब क्यों नहीं – वार्ड आेबीसी-वन के लिए आरक्षित कर दिया गया है। वार्ड- 26 पहले कौन थे पार्षद- अरुण कु. झा अब क्यों नहीं- यह वार्ड ओबीसी-टू अन्य के लिए आरक्षित है। वार्ड- 27 पहले कौन थे पार्षद- ओमप्रकाश अब क्यों नहीं- यह वार्ड ओबीसी-टू महिला के लिए आरक्षित हो गया है। रांची नगर निगम के चुनाव के लिए वार्डों का आरक्षण तय होते ही पूरे शहर में हलचल बढ़ गई है। लंबे समय से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे वैसे लोग जो खुद मैदान में उतरने वाले थे अब जगह-जगह अपनी पत्नी या रिश्तेदार के पोस्टर-बैनर लगा रहे हैं। वहीं इस बार सबसे अधिक युवा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। क्योंकि, कोरोना में जिस तरह विभिन्न सामाजिक संगठन के माध्यम से युवाओं ने लोगों को राहत पहुंचाया था, अब वे चुनाव में उसी सहयोग के दम पर वोट मांगने उतरेंगे। इधर, राजनीतिक पार्टियां भी चुनावी समीकरण को अपने पाले में लाने में जुट गई है। सभी पार्टियां के नेता विभिन्न मंडल और टोलों में लगातार बैठक कर रहे हैं। कोई लिट्टी पार्टी कर रहा है तो कोई शराब-कबाब की पार्टी दे रहा है। निकाय चुनाव दलीय आधार पर तो नहीं होगा, लेकिन प्रत्याशियों को पार्टी का सपोर्ट रहेगा। इसलिए प्रत्याशियों के चयन में पार्टियां जुट गई है। इस बार वार्ड 18 पर सबकी निगाहें टिकी हैं,क्योंकि यहां से राज्यसभा सांसद महुआ माजी के बेटे चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इस वार्ड को सामान्य अन्य किया गया है। जबकि, वार्ड 18 से पहले के 7 वार्ड और 18 के बाद के 5 वार्ड को आरक्षित कर दिया गया है। पहाड़ी टोला में आयोजित लिट्टी पार्टी में लोगों से चर्चा करते पूर्व डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय।


