अमृतसर | पंजाब के पूर्व डिप्टी स्पीकर प्रो. दरबारी लाल ने कश्मीर में पर्यटकों की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि भारत को अब पाकिस्तान के पाशविक सोच वाले हुक्मरानों को निर्णायक सबक सिखाना ही होगा। पाकिस्तान का जन्म मजहबी नफरत की बुनियाद पर हुआ था। 1947 से अब तक वह भारत में खून बहा रहा है। प्रो. लाल ने कहा कि वर्ष 2000 में जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत आए थे, तब अनंतनाग में 36 निर्दोष सिखों की हत्या कर दी गई थी। अब अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेन्स के आने पर पहलगाम में करीब 30 भारतीयों को बेरहमी से मार दिया गया। यह बर्बरता बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पिछले 78 वर्षों से भारत में ऐसी घटनाओं पर हम सिर्फ अफसोस जताते हैं। दुखद, चिंताजनक, कायरतापूर्ण जैसे शब्दों से काम चला लेते हैं। खून के आंसू पीकर चुप हो जाते हैं।


