भास्कर न्यूज | अमृतसर थाना छेहर्टा पुलिस ने एक नार्को सिंडिकेट के नेटवर्क को तोड़ते हुए 8.1 किलो हेरोइन सहित 5 तस्करों को काबू किया है। आरोपियों की पहचान सोनी सिंह उर्फ सोनी निवासी गुरु की वडाली, गुरसेवक सिंह (24), विशालदीप सिंह उर्फ गोला (19), गुरप्रीत सिंह (39) और अर्शदीप सिंह (20) निवासी अजनाला के रूप में हुई है। पुलिस ने 6 सितंबर को सोनी को 150 ग्राम हेरोइन और ड्रग मनी के साथ गुरु की वडाली से काबू किया था। उसके निशानदेही पर उसके सहयोगी गुरसेवक सिंह को 8.037 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में बाकी के साथियों को काबू किया गया।अब तक कुल बरामदगी 8 किलो 187 ग्राम हेरोइन हुई है। यह गिरोह अब तक 30 किलो हेरोइन पाकिस्तान से मंगवाकर ठिकाने लगा चुका है। वहीं इस मामले को लेकर डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह गिरोह पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है और हेरोइन की बड़ी खेप भारतीय सीमा में पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करता था। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरोह तस्करी के लिए होटलों का इस्तेमाल नेटवर्क में खेप पहुंचाने के लिए करता था। इसी तरह पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आरोपी सोनी, जिसके खिलाफ एनडीपीएस 5 मामले एनटीएफ मोहाली, मकबूलपुरा, छेहर्टा, सिविल लाइन और कंटोनमेंट में पहले से दर्ज हैं और जो जून में जेल से बाहर आया था। पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल से पाकिस्तानी तस्कर चाचा का नाम सामने आया है जो पाकिस्तान से हेरोइन की खेप सप्लाई करता था। आरोपी गुरसेवक सिंह एक प्राइवेट टीचर है और उसके खिलाफ पहले से लुधियाना में एक एनडीपीएस का पर्चा दर्ज है। इसके अलावा गुरप्रीत सिंह के खिलाफ थाना रमदास में एक केस पहले से दर्ज है। उन्होंने बताया कि आरोपी अर्शदीप सिंह चाय की दुकान पर काम करता था। बता दें कि सरहदी इलाकों में बाढ़ आने से पुलिस और अन्य टीमें जहां राहत कार्य में लगी हुई थी, उसके दौरान इन्होंने इसका फायदा उठाते हुए बाढ़ के दौरान कई हेरोइन की खेप पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए मंगवाई थी।


