भागीरथपुरा में दूषित पानी से लगातार हो रही मौतों के बाद नगर निगम ने पानी की जांच के लिए सैंपलिंग शुरू की है। नर्मदा लाइन, सार्वजनिक टैंक, बोरिंग के पानी के 12 सैंपल की जांच रिपोर्ट में पानीपुरी, चाय की दुकान पर पानी में ई-कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया से दूषित मिला है। हालांकि अच्छी बात यह है कि सभी 12 सैंपल में मानव अंगों के लिए खतरनाक हैवी मैटल्स की मात्रा नहीं के बराबर हैं। अब निगम सभी वार्ड के रहवासी क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थानों से सैंपल लेकर जांच कर रहा है। ये सैंपल भागीरथपुरा व आसपास के क्षेत्रों से लिए गए है। निगम अफसरों से मिली जांच रिपोर्ट तीन मानकों पर की इसमें पानी को सामान्य, केमिकल और बायोलॉजिकल मानकों पर जांचा गया है। रिपोर्ट के अनुसार पानी की पीएच वैल्यू, टीडीएस, क्लाराइड मानकों पर खरे हैं, लेकिन इनमें स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले बैक्टिरिया मिले हैं। रिपोर्ट से स्पष्ट है, 12 में से 8 सैंपल दूषित मिले हैं। यानी 70 फीसदी सैंपल दूषित पानी के हैं। इसमें नर्मदा, बोरिंग और टंकियों का पानी शामिल है। 15 तरह के हैवी मैटल्स की होती है जांच पानी की केमिकल जांच में 15 तरह के हैवी मेटल्स की जांच की जाती है। इनमें मुख्य रूप से आयरन, मैगनिज, पारा, मालीब्लेडिनम, कॉपर, आयरन, निकल, जिंक, आर्सेनिक, सेलेनियम, बेरिलियम, सिल्वर, क्रोमियम, कैडमियम, एल्युमिनियम की जांचा जाता है। जांच में सभी की मात्रा मानकों के अनुरूप है। बता दें, आर्सेनिक, कैडमियम, पारा, निकल, सेलिनियम स्वास्थ्य के लिए घातक होते हैं।


