पावर प्लांट के लिए भूमि का अधिग्रहण दशकों पहले, नगरवासी कर रहे रोजगार का इंतजार
कोतमा। ग्राम छतई उमरदा में 2012 से पावर प्लांट प्रारंभ होने का इंतजार कर रहे किसानो की परेशानी अब दूर होने वाली है और यहां पावर प्लांट प्रारंभ होने का रास्ता साफ हो गया है। 2012 से यहां किसानों की भूमि पावर प्लांट स्थापित किए जाने के लिए अधिग्रहित की गई थी इसके बाद कंपनी को कॉल ब्लॉक का आवंटन प्राप्त न होने के कारण बीते 12 वर्षों से किसानों को यहां पावर प्लांट स्थापित होने का इंतजार करना पड़ रहा था इसके साथ ही भू अर्जन के बाद रोजगार न मिलने से किसान परेशान हो रहे थे। पूर्व में कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री ने भी कंपनी को प्रारंभ किए जाने को लेकर के पत्राचार किया गया था। अब कंपनी को कोयला आपूर्ति के लिए रेल लाइन बिछाने का कार्य कुछ दिनों के बाद प्रारंभ किया जाएगा इसके लिए सर्वे का कार्य राजस्व विभाग कर रहा है।
आठ गांवों के बीच से होकर के गुजरेगी रेल लाइन
पूर्व में वेलस्पन कंपनी ने 2012 में ग्राम छतई, उमरदा, मंटोलिया, मझौली, तरसिली में 1320 मेगावाट विद्युत क्षमता के पावर प्लांट स्थापना के लिए 243 किसानों से 1301 भूमि का अधिग्रहण किया गया था। कई वर्ष बीत जाने के बावजूद कंपनी को कोल ब्लॉक का आवंटन प्राप्त नहीं हो सका जिसके बाद कंपनी ने इसे अदानी समूह को समर्पित कर दिया। अदानी समूह ने ताप विद्युत गृह परियोजना को प्रारंभ करने का कार्य शुरू कर दिया है जिसके अंतर्गत कटकोना से तरसिली तक 18 किलोमीटर रेल लाइन कोयला परिवहन के लिए बिछाई जाएगी इसके लिए भूमि के सर्वे का कार्य प्रशासन के निर्देश पर राजस्व विभाग ने प्रारंभ कर दिया है। कोयला परिवहन करने के साथ ही साइडिंग का निर्माण किया जाएगा। इससे आठ गांवों के 800 किसानों की भूमि प्रभावित हो रही है। जिसमें कटकोना, बैहा टोला, मैन टोला, भाठाडाड, डोंगरिया खुर्द, कोरया खुर्द, कोठी और तरसिली गांव इसके अंतर्गत शामिल हैं।


