बिलासपुर में खुद के अपहरण होने की कहानी बनाकर युवक अपने पिता से 10 लाख रुपए की फिरौती मांग रहा था। वह पुलिस को चकमा देने के लिए मध्यप्रदेश भाग रहा था। लेकिन, जब पैसे खत्म हो गए, तब वो लौटते समय पेंड्रा में पुलिस के हाथ लग गया। पकड़े जाने के बाद युवक ने बताया कि अपने पापा से पैसे लेने के लिए उसने अपहरण की साजिश रची थी। पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। इस दौरान युवक की तलाश में तीन दिनों तक भटकती और परेशान होती रही। उसके सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। दरअसल संजय यादव (29 साल) जशपुर जिले के नारायणपुर के देरहाखार का रहने वाला है। उसके पिता किसान हैं। संजय पिछले 10 साल से बिलासपुर के कस्तूरबा नगर में किराए के मकान में रहता है, जहां वो एमएससी तक की पढ़ाई करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग कर रहा था। साथ ही बैंक में काम भी करता है। अपहरण की झूठी कहानी बनाकर पिता से मांगी फिरौती
रविवार (5 अक्टूबर) को उसने अपने पिता को फोन कर अपहरण की जानकारी दी और 10 लाख रुपए की फिरौती की मांग की। पैसा अपने ही बैंक अकाउंट में जमा करने कहा। बेटे का कॉल और अपहरण की जानकारी मिलते ही घबराए पिता भागते हुए बिलासपुर पहुंचे, जिसके बाद बेटे के लापता होने की जानकारी पुलिस को दी। साथ ही बताया कि उसका अपहरण हो गया है और फिरौती की मांग की जा रही है। अपहृत बेटा बोला- 8-10 युवकों ने किया अगवा
संजय के पिता बालेश्वर यादव ने पुलिस को बताया कि उसके मोबाइल पर फिरौती की मांग की जा रही है। कॉल लापता बेटे संजय यादव कर रहा है। जिसे 8 से 10 लड़कों ने अगवा कर लिया है। बेटे की बात पर पिता को यकीन हो गया और उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी। हालांकि, शुरूआती जांच में ही पुलिस को युवक के अपहरण की कहानी झूठी लग रही थी। लेकिन, एहतियातन पुलिस की टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी। लेकिन, युवक का लोकेशन लगातार बदल रहा था। MP के कटनी तक पहुंच गई थी पुलिस
रविवार को पुलिस की टीम रायगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही तक गई। लेकिन, युवक का कोई सुराग नहीं मिला। वो लगातार लोकेशन बदल रहा था। इस बीच सोमवार को पुलिस को पता चला कि युवक मध्यप्रदेश के कटनी पहुंच गया। लिहाजा, एक टीम को कटनी के लिए रवाना किया गया। इसी दौरान शाम को पता चला कि युवक फिर वापस लौट रहा है। तब टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया। दोस्तों से मांगे पैसे, नहीं मिला तो लौटा युवक
CSP निमितेश सिंह ने बताया कि पुलिस ने युवक के मोबाइल की तकनीकी जांच की, तब पता चला कि वो अपने दोस्त और परिचितों से बात कर रहा है। लिहाजा, पुलिस ने उसके दोस्तों से पूछताछ की, तब पता चला कि अपहृत युवक संजय उनसे पैसे मांग रहा था। इस दौरान पुलिस ने युवक के साथ लिव इन में रहने वाली युवती को भी पकड़ कर पूछताछ की। तब पता चला कि युवक के पास खाने के लिए भी पैसे नहीं थे। जिसके कारण उसे वापस लौटना पड़ा। जैसे ही युवक के ट्रेन से पेंड्रा पहुंचने की खबर मिली, पुलिस की टीम ने उसे पकड़ लिया। पुलिस उसे लेकर बिलासपुर आ गई है। उससे पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है।


