शहर में सिक्स लेन प्रस्तावित दो मार्गों की चौड़ाई रिवाइज (संशोधित) हो सकती है। ये हालात तब बन रहे हैं जब इन मार्गों की टेंडर प्रक्रिया चल रही हैं। यदि इन मार्गों की चौड़ाई कम करने का निर्णय होता है तो करीब 900 से अधिक परिवारों को राहत मिलेगी। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के क्रम में अधिकारियों ने भीड़ प्रबंधन के लिहाज से पिपलीनाका से गढ़ कालिका मंदिर होते हुए ओखलेश्वर श्मशान तक और पिपलीनाका चौराहा से भैरवगढ़ जेल चौराहा तक इन दो मार्गों का चौड़ीकरण करते हुए इन्हें सिक्स लेन करने के प्रस्ताव बनाए थे। इन मार्गों के विस्तार के लिए वर्तमान में टेंडर की प्रक्रिया चल रही हैं। वहीं इस विस्तार से प्रभावित होने वाले रहवासी शुरुआत से ही इन मार्गों को सिक्स लेन की बजाय कम चौड़ा करने की मांग करते आ रहे हैं। एक-दो बार इन्होंने प्रदर्शन कर तर्क था कि यदि मार्ग सिक्स किए जाते हैं तो अधिकांश परिवारों के पूरे भवन टूट जाएंगे। इधर इस बीच विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने बताया कि उन्होंने भी उच्च स्तर पर इन मार्गों की चौड़ाई रिवाइज करने का आग्रह किया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही हैं कि प्रोजेक्ट में बदलाव हो सकता है। यदि चौड़ाई सिक्स लेन से घटाकर फोरलेन की जाती हैं तो इससे रहवासियों को काफी फायदा होगा। उनके भवन-दुकानों के हिस्से कम प्रभावित होंगे। जबकि प्रोजेक्ट से जुड़े जिम्मेदारों के सामने चुनौती ये जरूर रहेगी कि उन्हें मौके पर काम शुरू करवाने से पहले दोबारा से तमाम प्रक्रियाओं को पूरा करवाना पड़ेगा। उज्जैन विकास प्राधिरकण के ईई कुलदीप रघुवंशी ने बताया कि वर्तमान में दोनों मार्ग की टेंडर प्रक्रिया चल रही हैं। चौड़ाई कम करने का निर्णय शासन स्तर का है। वहां से जैसे निर्देश होंगे वैसा किया जाएगा। पिपलीनाका चौराहा से भैरवगढ़ जेल चौराहा तक सिक्स लेन। विभाग – उज्जैन विकास प्राधिकरण। मार्ग की लंबाई – 2.2 किमी। वर्तमान चौड़ाई – 10 मीटर। प्रस्तावित चौड़ाई – 45 मीटर। रोड की लागत – 58 करोड़। भू-अर्जन की लागत – 38.85 करोड़। निर्माण लागत – 96.85 करोड़। प्रोजेक्ट क्यों जरूरी – वैष्णव अखाड़ों की पेशवाई में भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। साथ ही पिपलीनाका से काल भैरव, शिप्रा, तथा उन्हेल रोड से कनेक्टिविटी रहेगी। ताजा स्थिति – निविदा 29 अगस्त 2025 को खोली जाकर तकनीकी मूल्यांकन प्रगतिरत।


