पीएमजीएस योजना में ऐसी सड़क बनाई कि ग्रामीणों ने हाथ से ही उखाड़ दी परत

बड़नगर क्षेत्र की एक सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने हाथों से इस सड़क की डामर की परत उखाड़ते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दिया। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कुमट ने सड़क की जाँच के लिए कमेटी गठित कर दी। ये सड़क बड़नगर क्षेत्र के केसूर मार्ग से दोतरू तक की है, जो कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत आती है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में इसकी रिपेयरिंग की गई, जो कि गुणवत्तापूर्ण नहीं है। वायरल वीडियो में नज़र आ रहा है कि कुछ ग्रामीण युवा सड़क की ताज़ा डामर-कंक्रीट की परत को हाथों से उखाड़कर पलट रहे हैं। वीडियो में सड़क की गुणवत्ता देखकर सांसद अनिल फिरोजिया ने भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा, “ऐसे घटिया काम करने वाले अधिकारी व ठेकेदार बिल्कुल नहीं चलेंगे। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” वे बोले कि मामला कलेक्टर के संज्ञान में लाकर इसकी जाँच करवाने के लिए कहा है। सीएम आने वाले थे, इसलिए छुट्टी वाले दिन बनाई कमेटी सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उज्जैन का दौरा प्रस्तावित था। ऐसे में अधिकारियों ने सड़क के मामले में गंभीरता बरती। कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ कुमट ने अवकाश के दिन रात में ही तीन सदस्यीय जाँच कमेटी का गठन किया है। इसमें ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की कार्यपालन यंत्री अंजलि धाकड़, एमपीआरडीसी के प्रबंधक नितिन करोड़े और लोनिवि के प्रफुल्ल जैन शामिल हैं। टीम को तीन दिन में जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इधर, पूरे मामले में पीएमजीएसवाई के जीएम ऋषि बडेरिया ने तर्क दिया कि ये पूरी सड़क 4.7 किमी है। इसकी रिपेयरिंग 10 वर्ष पश्चात संधारण अवधि के तहत की जा रही है। अभी तो 4.7 किमी में से केवल 500 मीटर में ही पूर्व से निर्मित सड़क पर सील कोट का काम शुरू किया है, लेयर तो बाद में बिछाई जाएगी। अधूरे व शुरुआती काम के बीच ही ग्रामीणों ने सील कोट की डामर उखाड़ दी। उन्हें गलतफहमी हुई कि काम पूरा हो गया है।

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