केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने अपने 62वें स्थापना दिवस को पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, शिवाजी नगर भोपाल में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के संदेश को ध्यान में रखते हुए अतिथियों का स्वागत हरित पादप भेंट कर किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रही, जिनमें “नागालैंड नृत्य,” “कालबेलिया नृत्य,” और “मेरा केंद्रीय विद्यालय” गीत ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कक्षा 11वीं की छात्राओं द्वारा “केंद्रीय विद्यालय संगठन की शैक्षिक उड़ान” पर प्रस्तुत की गई प्रभावशाली नृत्य-नाटिका ने सबका दिल जीत लिया। इसके अलावा, मानसी विश्वकर्मा की कविता “केवीएस: शिक्षा की एक बहुरंगी चादर” ने संगठन के आदर्शों और उसकी उपलब्धियों को सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों के लिए संगीत शिक्षिका डॉ. दिव्यता गर्ग और नृत्य कोच सुमन कोठारी की मार्गदर्शन की सराहना की गई। इसके बाद, “सृजन मंडपम” में शैक्षिक संवाद का आयोजन हुआ, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020), डिजिटलीकरण, समावेशी शिक्षा और कौशल आधारित शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। वक्ताओं ने शिक्षा के नवाचारी दृष्टिकोणों और सह-शैक्षणिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम में हिंदी शिक्षक डॉ. राजू प्रसाद राठौर ने काव्यात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से केवीएस और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समापन समारोह का सफल संचालन आभा तिवारी और वनिता सिंह ने किया। राष्ट्रगान के साथ इस आयोजन का समापन हुआ, जो केंद्रीय विद्यालय संगठन की समृद्ध परंपरा और उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का प्रतीक बना। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने अपने 62वें स्थापना दिवस का आयोजन पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, शिवाजी नगर, भोपाल में भव्यता और उत्साह के साथ संपन्न किया। पर्यावरण संरक्षण के संदेश के प्रतीक स्वरूप अतिथियों का स्वागत हरित पादप भेंट कर किया गया। समारोह की मुख्य आकर्षण विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहीं। “नागालैंड नृत्य,” “कालबेलिया नृत्य,” और “मेरा केंद्रीय विद्यालय” गीत ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कक्षा 11वीं की छात्राओं ने “केंद्रीय विद्यालय संगठन की शैक्षिक उड़ान” पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी, वहीं मानसी विश्वकर्मा की कविता “केवीएस: शिक्षा की एक बहुरंगी चादर” ने संगठन के आदर्शों और उपलब्धियों को रेखांकित किया। इन प्रस्तुतियों के लिए संगीत शिक्षिका डॉ. दिव्यता गर्ग और नृत्य कोच सुमन कोठारी का उत्कृष्ट मार्गदर्शन उल्लेखनीय रहा। इसके पश्चात “सृजन मंडपम” में शैक्षिक संवाद का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020), डिजिटलीकरण, समावेशी और कौशल आधारित शिक्षा जैसे विषयों पर परिचर्चा ने समारोह को सार्थकता प्रदान की। वक्ताओं ने नवाचारी दृष्टिकोण से शिक्षा को प्रभावी बनाने और छात्रों के समग्र विकास हेतु सह-शैक्षणिक गतिविधियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। हिंदी शिक्षक डॉ. राजू प्रसाद राठौर ने अपनी काव्यात्मक अभिव्यक्ति से केवीएस और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती आभा तिवारी एवं वनिता सिंह ने किया।प्रार्थना सभा से लेकर समापन तक शिक्षकों और छात्रों का समर्पित योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन केंद्रीय विद्यालय संगठन की गौरवशाली विरासत का उत्सव और उसके उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने का संकल्प दोहराने का प्रतीक बना। भास्कर के स्टाइल में अच्छी खबर बना दीजिए


