शिवपुरी जनपद सीईओ और पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह के बीच शुक्रवार की शाम फोन पर कमीशनखोरी की बात पर तीखी बहस हो गई थी। सीईओ ने विधायक पर धमकी देने का आरोप लगाया था। वहीं, विधायक ने सीईओ पर कमीशन मांगने का आरोप लगाया था। विधायक के साथ कॉल पर हुए बहस के बाद सीईओ गिर्राज शर्मा ने पोहरी और शिवपुरी जिले से जुड़े सभी कर्मचारियों को कलेक्टर से शिकायत दर्ज कराने के लिए शनिवार सुबह कलेक्ट्रेट बुलाया। शनिवार को कर्मचारियों की भीड़ एकत्रित हो गई। हालांकि, सीईओ गिर्राज शर्मा कलेक्ट्रेट पहुंचे और उन्होंने सभी कर्मचारियों से कलेक्टर को शिकायती आवेदन नहीं देने की बात कहते हुए चले गए। बता दें कि सीईओ के आह्वान पर सुबह से ही पंचायती प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारी पोहरी जनपद के दूरदराज इलाके से कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। महिला कर्मचारियों को भी शिकायती ज्ञापन सौंपने के लिए बुलाया गया था। हालाकि, कई घंटों के इंतजार के बाद कर्मचारी वापस लौट गए। फोन पर हुई थी बहस पोहरी से कांग्रेस से विधायक कैलाश कुशवाह को शिकायत मिली थी कि शिवपुरी व पोहरी के प्रभारी जनपद सीईओ गिर्राज शर्मा उनके नाम पर कमीशन मांगते है। इसी बात को लेकर विधायक ने सीईओ से फोन पर बात की थी। कॉल पर बात के दौरान दोनों पर विवाद हो गया। सीईओ ने आरोप लगाया था कि विधायक ने उन्हें धमकाते हुए घर आने की धमकी देते हुए गाली-गलौज की थी। वहीं, विधायक का कहना था कि सीईओ गिर्राज शर्मा उनके नाम किसी भी विकास के काम में 3 प्रतिशत की कमीशन की मांग करता हैं। इतना ही नहीं सीईओ कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के नाम पर 3-3 प्रतिशत की कमीशन मांगता है। जबकि वह किसी भी प्रकार के कार्य में कोई कमीशन नहीं मांगते हैं। कलेक्ट्रेट पर जुटे कर्मचारी, बिना ज्ञापन दिए लौटे इस मामले को शनिवार को अवकाश के दिन जनपद पंचायत शिवपुरी और पोहरी के कर्मचारी कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए। यहां जनपद सीईओ गिर्राज शर्मा को विधायक के खिलाफ एक शिकायती ज्ञापन सौंपना था। करीब 12 बजे सीईओ गिर्राज शर्मा शिवपुरी जनपद अध्यक्ष पति के साथ कार में सवार होकर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि कलेक्टर की मध्यस्थता के चलते अब ज्ञापन नहीं दिया जाएगा। इसके बाद सीईओ मौके से निकल गए और बाद में कर्मचारी भी रवाना हो गए।


