जोधपुर की बावरली पंचायत में 2022-23 में पीएम आवास योजना में जमकर फर्जीवाड़ा हुआ। 338 आवास स्वीकृत हुए, उसमें से 72 आवास अमीरों को दे दिए गए। इनमें कोई पुणे में मिठाई की तीन-तीन दुकाने चला रहा है तो किसी का कारोबार है। इनकी पहले से ही कोठियां हैं। सरपंच के बेटे और भतीजे को भी योजना का लाभ दिया गया। यहां कुल 1.10 करोड़ का फर्जीवाड़ा हुआ है। प्रक्रिया यह – जगह की जियो टैगिंग पर ₹30 हजार की पहली, नींव की फोटो के साथ ₹30 हजार की दूसरी, चौखट के साथ जियो टैगिंग पर ₹60 हजार की तीसरी, काम होने पर 30 हजार रुपए मिलते हैं। शर्तें ये – पक्का मकान, आय का बड़ा स्रोत न हो। सरकारी मदद से कमरा + किचन + बाथरूम + टॉयलेट बनाया जा सकता है। सक्षम प्रवासियों ने भी मारा गरीबों का हक प्रॉपर्टी डीलर ने जोधपुरी पत्थर की कोठी बनवा ली प्रॉपर्टी डीलर जबराराम पलीयाल ने जोधपुरी पत्थर से यह शानदार घर पीएम आवास योजना में बनाना दर्शा रखा है। योजना में लाभार्थी बनने के सीरियल नंबर 33278249 हैं। जबकि इसी घर के सामने जबराराम का पुराना घर पहले से बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदारों ने उपकृत करने के लिए लाभार्थी बना दिया। खदान मालिक ने कोठी पर पैसा उठाया हरीश मेघवाल का आलीशान घर है। इसी पर पैसा उठाया। ये खदान मालिक हैं। सीरियल नंबर 33357150 हैं। इसी घर के बाहर भुगतान की जानकारी भी चस्पा है। कोठी की जियो टैंगिंग, लाभार्थी की सूचना लगा दी भंवराराम चौधरी के जोधपुरी पत्थर से आलीशान घर की जियो टैगिंग है। जबकि दूसरे घर पर लाभार्थी की सूचना लगी है। सीरियल नंबर 33582834 है। जबकि भंवराराम के पास महादेव टॉवर, महादेव होटल बंबोर, कैंपर गाड़ी भी है। जांच करवाऊंगा, दोषी पर सख्त कार्रवाई होगी
“रिकॉर्ड देखना पड़ेगा। गड़बड़ है तो मौके पर गहनता से जांच करवाऊंगा। जो भी दोषी मिलेगा, कार्रवाई की जाएगी।” -आशीष कुमार मिश्रा, सीईओ, जिला परिषद, जोधपुर


