दूदू नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामले में नगर पालिका के कंप्यूटर ऑपरेटर जीतराम चौधरी ने पार्षदों पर आरोप लगाए हैं। चौधरी ने दावा किया है कि पार्षद पुरुषोत्तम स्वामी और त्रिलोक दायमा समेत अन्य पार्षदों ने उन पर दबाव डालकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपने चहेतों के खातों में राशि जमा करवाई। कंप्यूटर ऑपरेटर ने रिश्वत लेने से इनकार किया चौधरी ने बताया कि वे वर्ष 2024 से नगर पालिका में कार्यरत हैं और उनकी नियुक्ति वैध है, जिसका ज्वॉइनिंग लेटर उनके पास है। उन्होंने किसी भी व्यक्ति से रिश्वत लेने से इनकार करते हुए कहा कि यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। चौधरी ने स्वयं इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही। ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था यह विवाद तब सामने आया जब कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने नगर पालिका में प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि पीएम आवास योजना में नाम जोड़ने, सर्वे में शामिल करने, फाइल आगे बढ़ाने और किस्त जारी करने के बदले अधिकारियों, कर्मचारियों या उनके कथित सहयोगियों द्वारा अवैध रूप से रिश्वत मांगी जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया था कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं दिया गया, जबकि अपात्र लोगों के खातों में राशि डाल दी गई। पार्षदों ने कहा-पात्र लोगों के खाते में पैसे डलवाए मामले पर वार्ड पार्षद पुरुषोत्तम स्वामी ने कहा- योजना के लिए जो लोग पात्र थे, उन्हीं के खातों में पैसे डलवाए गए हैं। किसी प्रकार का कोई राजनीतिक दबाव नहीं बनाया है। वहीं, त्रिलोक दायमा ने कहा कि वह वार्ड पार्षद नहीं हैं, उनकी पत्नी पार्षद हैं। उन्होंने इस मामले में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।


