भास्कर न्यूज | सरायकेला फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन की राज्य समिति की बैठक में सरकार से आरपार की लड़ाई का निर्णय लिया गया। रांची के डोरण्डा शिशु मंदिर में आयोजित बैठक में राज्य के सभी पीडीएस दुकानदार व पदाधिकारी मौजूद थे। जानकारी देते हुए एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष फुलकांत झा ने बताया कि इसमें मुख्य एजेंडा पीडीएस दुकानदारों की मांगें पूरी करने को लेकर है। कहा डीलरों के बकाया कमीशन का भुगतान नहीं करने से उनके सामने गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष ओंकार नाथ झा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य स्थापना दिवस के बाद तीव्र आंदोलन की घोषणा की गई। बैठक में राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर एसोसिएशन पिछले कई माह से विभागीय मंत्री, सचिव समेत संबद्ध पदाधिकारियों से मिलकर अपनी समस्या से अवगत करा चुका है। इसके बावजूद पीडीएस विक्रेताओं के हित में विभाग की तरफ से कोई भी पहल नहीं की गई। एक अगस्त को उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री डॉ इरफान अंसारी को ज्ञापन सौंपा गया। पीडीएस विक्रेताओं की सात सूत्री मांगों में 25,269 पीडीसी विक्रेताओं के सभी बकाए कमीशन की राशि का भुगतान, बेरोजगारों के रोजगार मिलने के लिए विक्रय अनुज्ञप्तियों (लाइसेंस) के हस्तांतरण के लिए राज्य सरकार के 29 फरवरी 2024 को जारी गाइडलाइन को लागू करने, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन की मरम्मत की जिम्मेदारी विक्रेताओं को सौंपने आदि शामिल है। अगर सरकार उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लेती है तो एसोसिएशन न्यायालय की शरण में जाकर फरियाद करेगी। झा ने बताया कि 25269 राशन डीलरो की समस्या पर सरकार गंभीर नहीं है। बैठक में कई प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गई।


