भास्कर न्यूज| सरायकेला सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल, सरायकेला में विजयादशमी उत्सव एवं भारत माता पूजन धार्मिक, सांस्कृतिक और देशभक्ति से परिपूर्ण माहौल में मनाया गया। रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं प्रबंध समिति के सदस्य मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रबंध कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष रमानाथ आचार्य द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद भारत माता पूजन एवं आरती का आयोजन किया गया। जिसमें सभी ने एक स्वर में “भारत माता की जय’ के नारे लगाए। वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो उठा। विद्यालय के प्रधानाचार्य पार्थ सारथी आचार्य ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में विजयादशमी के महत्व को सरल और सुंदर भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल भगवान श्रीराम की विजय का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सत्य, धर्म और न्याय की असत्य, अधर्म और अन्याय पर विजय का संदेश देता है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में सच्चाई, अनुशासन और परिश्रम को अपनाएं। विद्यालय के अध्यक्ष रमानाथ आचार्य ने कहा कि हमें अपने धर्म और संस्कृति के प्रति निष्ठावान रहना चाहिए और अपने देश के गौरव को बनाए रखना चाहिए। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संघ के आदर्शों और कार्यों का भी उल्लेख किया गया। आचार्य ने बताया कि संघ ने पिछले एक शताब्दी में देश की एकता, संस्कार और समाजसेवा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया है। शिक्षक और शिक्षिकाओं ने भी सनातन संस्कृति की व्याख्या करते हुए कहा कि यह संस्कृति प्रेम, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर देशभक्ति गीत और भाषण प्रस्तुत कर कार्यक्रम को रोचक बनाया। कार्यक्रम के अंत में संघ प्रार्थना और भारत माता की जय के नारों के साथ उत्सव का समापन हुआ।


