बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र गोदारा के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को गलत बताते हुए नर्सिंगकर्मियों के एक ग्रुप ने हड़ताल की चेतावनी दे दी है। उधर, पुलिस ने रविंद्र को सदर थाने में रखा है, जहां लोग विरोध करने पहुंच गए हैं। शांति भंग में गिरफ्तार आज दोपहर में पुलिस ने रविंद्र गोदारा को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद से अस्पताल में नर्सिंग कर्मियों का एक ग्रुप विरोध कर रहा है। पुलिस का कहना है कि रविंद्र को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। रविंद्र के समर्थक नर्सिंगकर्मियों ने सदर थाने पहुंचकर भी हंगामा किया। इस दौरान पुलिस ने एक बार सभी को समझा बुझाकर थाने से निकाला है। लेकिन, अस्पताल में पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नर्सिंग कर्मियों के हड़ताल जाने की चेतावनी दी गई है। इससे अस्पताल की सारी व्यवस्था बिगड़ सकती है। सदर थाना प्रभारी दिगपाल सिंह और जेएनवीसी थानाधिकारी सुरेन्द्र पचार ने पीबीएम अस्पताल पहुंचकर रविंद्र गोदारा को हिरासत में लिया था। अखिल भारतीय सेवारत नर्सेज संघ ने एक पत्र जारी करके बिना किसी सूचना के हिरासत में लेने काे गलत बताते हुए पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। दो पक्षों में बंट गए नर्सिंगकर्मी करीब चार दिन पहले सीनियर नर्सिंग कर्मचारी के साथ झगड़े के बाद पीबीएम अस्पताल में नर्सिंग कर्मियों में विवाद हो गया। एक सीनियर नर्सिंग कर्मी के साथ हुए इस झगड़े के बारे में सदर पुलिस को रिपोर्ट दी गई थी। जिनके साथ मारपीट हुई, उन्होंने संविदा पर लगे रविंद्र पर आरोप लगाते हुए सेवा से हटाने की मांग की थी। जिसके बाद रविंद्र को यहां से हटाकर सीएमएचओ ऑफिस भेज दिया गया। जहां से वापस पीबीएम अस्पताल के लिए भेजा गया। एक पक्ष का तीन घंटे का कार्य बहिष्कार कर रविंद्र पर कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरा ग्रुप रविंद्र के साथ खड़ा है। ऐसे में अस्पताल में नर्सिंग कर्मी ही दो भागों में विभक्त हो गए हैं।


