रांची | पुलिस पदाधिकारियों की लापरवाही का सिलसिला जारी है। स्वयं की दर्ज दो साल पुरानी प्राथमिकी में आरोपियों पर लगाए आरोप को साबित करने न तो जगन्नाथपुर थाना के तत्कालीन एसआई संजय कुमार अदालत पहुंचे और न ही जांच अधिकारी एसआई राज गुप्ता आए। दो आरक्षी पहुंचे, लेकिन पुलिस पर हमला किसने किया, नहीं बता सके। जिसका लाभ तीन आरोपियों शमशाद अंसारी, फिरोज अंसारी और मिराज अंसारी को मिला। अपर न्यायायुक्त संजीव झा की अदालत ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।


