पुलिस मुख्यालय का निर्देश… बजट खर्च की अप्रयुक्त राशि सरेंडर करें

पुलिस मुख्यालय ने चालू वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट के उपयोग की समीक्षा शुरू कर दी है। इसे लेकर सभी जिलों से पत्राचार कर विभागवार आवंटित राशि और उसके खर्च की अद्यतन जानकारी मांगी है। डीजीपी के निर्देश पर डीआईजी (बजट) द्वारा पत्र जारी किया गया है। जिसमें स्पष्ट करने को कहा गया है कि अब तक कितनी राशि खर्च की जा चुकी है। आगे शेष राशि के खर्च की कोई संभावना है या नहीं, यह भी बताएं। पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिया है यदि किसी मद में आवंटित राशि खर्च नहीं हुई है और उसके उपयोग की संभावना भी नहीं दिख रही है, तो उसकी समीक्षा कर संबंधित राशि सरेंडर करें। सरेंडर की गई राशि को अन्य जरूरतमंद कार्यालयों और इकाइयों को आवंटित किया जाएगा। यह पत्र डीजी रेल, डीजी वायरलेस, एडीजी रेल, आईजी सीआईडी, विशेष शाखा, प्रोविजन, जैप, एसटीएफ व रेल, झारखंड पुलिस अकादमी हजारीबाग के निदेशक सहित सभी जोनल आईजी, सभी रेंज डीआईजी, डीआईजी जैप, डीआईजी रेल, डीआईजी जंगल वारफेयर स्कूल नेतरहाट और एससीआरबी समेत झारखंड पुलिस की अन्य इकाइयों व उनके प्रमुख को भेजा गया है। लाभ क्या होगा …. बजट का अधिकतम उपयोग हो वित्तीय वर्ष की समाप्ति से तीन महीने पहले जानकारी इसलिए मांगी गई है, ताकि उपलब्ध बजट का अधिकतम उपयोग किया जा सके। पुलिस मुख्यालय ने यह भी कहा है कि आवंटित राशि नियमानुसार व्यय की जानी है। राशि की निकासी के बाद उससे संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) मदवार उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि किसी मद में अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है, तो उसकी भी मांग करें। पुलिस मुख्यालय ने निर्देश में कहा है कि यदि समय पर अप्रयुक्त राशि प्रत्यर्पित नहीं की गई, तो उसे अन्य कार्यालयों या इकाइयों को आवंटन संभव नहीं हो पाएगा। इसकी पूरी जवाबदेही संबंधित कार्यालय प्रधान व लेखापाल की होगी।

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