छिंदवाड़ा शहर में देर रात चल रहे वाहन चेकिंग अभियान के दौरान एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जांच नाके पर शराब के नशे में पकड़ा गया वाहन चालक पुलिस को चकमा देकर गाड़ी लेकर फरार हो गया। हैरानी की बात यह रही कि वाहन पर आगे-पीछे स्पष्ट रूप से “पुलिस” लिखा हुआ था, इसके बावजूद चालक को मौके पर रोका नहीं जा सका। जानकारी के अनुसार, पुलिस द्वारा वाहन क्रमांक MP 28 ZN 8688 को जांच के लिए रोका गया था। गाड़ी में दो युवक सवार थे और दोनों ही अत्यधिक शराब के नशे में थे। जांच के दौरान वाहन चालक की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई, जिसमें नशे की पुष्टि हुई। इसी दौरान सड़क पर जाम की स्थिति बनने लगी तो पुलिसकर्मियों ने चालक को गाड़ी साइड में लगाने के लिए कहा। इसी का फायदा उठाते हुए चालक ने गाड़ी आगे बढ़ा दी और मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि फरार होने से पहले युवक ने अपने पिता को फोन कर पुलिसकर्मियों से बात भी कराई थी। बातचीत के दौरान यह दावा किया गया कि गाड़ी किसी पुलिसकर्मी के परिवार की है। हालांकि युवक के फरार हो जाने के बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उस व्यक्ति को पहचानने से इनकार कर दिया। घटना के बाद पुलिस की शुरुआती चेकिंग व्यवस्था और सतर्कता पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस अभियान का उद्देश्य नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती करना था, उसी अभियान की शुरुआत में इस तरह की चूक से देर रात तक चलने वाले पूरे अभियान की गंभीरता पर संदेह पैदा हो गया है। फिलहाल पुलिस फरार वाहन और युवकों की तलाश में जुटी है, लेकिन इस घटना ने शहर में चल रहे यातायात और नशे के खिलाफ अभियान की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।


