पुलिस ऑफिसर्स मेस में ₹करीब 3.14 करोड़ के फर्नीचर और इंटीरियर का अतिरिक्त काम बिना टेंडर करा लिया गया। काम पूरा होने के बाद 6 मार्च 2023 को पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने मेस का औपचारिक कब्जा भी ले लिया। सुविधाएं पूरी तरह इस्तेमाल में हैं। लेकिन, अब कॉर्पोरेशन ने यह कहते हुए कॉन्ट्रेक्टर का भुगतान रोक दिया है कि इन कामों की विधिवत मंजूरी नहीं ली गई। काम करने वाली फर्म एमएस बिल्डकॉन के मुताबिक वरिष्ठ अफसरों के निर्देश पर काम हुआ। ड्राइंग-डिजाइन विभाग ने ही दिए थे। कॉर्पोरेशन के चेयरमैन अजय शर्मा का कहना है, ये मामला उनके समय का नहीं है। डेपुटेशन पर आए इंजीनियर मूल विभाग में लौट गए, मंजूरी के दस्तावेज नहीं मिल रहे तीन वर्क ऑर्डर जारी, सभी काम पूरे (निर्माण के दौरान ही बड़े पैमाने पर फर्नीचर व अतिरिक्त इंटीरियर काम जोड़ दिए गए। इसके लिए टेंडर या वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ।) डीजीपी को पत्र लिखकर मांगी थी मंजूरी 22 अप्रैल 2022 को कॉर्पोरेशन के एमडी ने डीजीपी को पत्र लिखकर मेस में अतिरिक्त इंटीरियर, फर्नीचर, पार्किंग आदि कार्यों के लिए ₹489.12 लाख की स्वीकृति मांगी थी। पत्र में उल्लेख है कि 3 अप्रैल 2022 को डीजीपी के स्थल निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त काम कराने के निर्देश दिए गए थे। पीएचक्यू ने सवाल उठाए कि अतिरिक्त कामों की विधिवत मंजूरी कहां है। इस पर कॉर्पोरेशन ने जवाब दिया कि यह प्रोजेक्ट डेपुटेशन पर आए इंजीनियर देख रहे थे, जो अब पीडब्ल्यूडी में लौट चुके हैं इसलिए मंजूरी से जुड़े दस्तावेज नहीं मिल रहे।


