भास्कर न्यूज| सरायकेला नगर पंचायत सरायकेला में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए नगर पंचायत के प्रशासक के विरुद्ध नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज चौधरी ने उपायुक्त से शिकायत की है। उन्होंने मंगलवार को उपायुक्त से मुलाकात कर लिखित रूप से उनसे शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि सरायकेला नगर पंचायत के वर्तमान प्रशासक शेखर सुमन द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से जबरन अनैतिक कार्य कराए जा रहे हैं। वहीं जनता को भी अवैध मकान निर्माण, अतिक्रमण एवं अन्य नगर पालिका अधिनियमों का भय दिखाकर शोषण किया जा रहा है। इनके पदस्थापन के बाद से ही नगर पंचायत कार्यालय और नगर पंचायत क्षेत्र की मुलभूत सुविधाएं चरमरा गई हैं। उन्होंने उपायुक्त को सौंपे गए पत्र में कहा है कि वर्तमान विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि नगर विकास विभाग द्वारा कार्यालय क्षमता संवर्धन के लिए सरायकेला नगर पंचायत को 50 लाख का आवंटन उपलब्ध कराया गया था। आवंटन के विरुद्ध नियमों को ताक पर रखकर ऑफिस के साजों सजावट के सामान बाजार मूल्य से चार गुना अधिक दर से खरीदा गया है। नन ब्रांडेड गोदरेज अलमारी जिसकी बाजार कीमत ₹5000 है, उसे ₹ 50 हजार में खरीदा गया है। कलर प्रिंटर जिसका ₹80000 मूल्यांकन था, उसे ₹4 लाख में खरीदा गया। इसी प्रकार ऑफिस से (डीजल, ट्रैक्टर, ट्राली, बिजली, उपकरण इत्यादि) की जितनी भी खरीदारी हुई है, सब में लूटपाट हुई है। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया है कि ऐसे पदाधिकारी की त्वरित जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। सरायकेला नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शेखर सुमन ने बताया कि नगर पंचायत सरायकेला में विभागीय गाइडलाइन के अनुरूप ही सामानों की खरीदारी हुई है। किसी भी सामान की खरीदारी नियम विरुद्ध नहीं की गई है। जेम पोर्टल सरकारी विभागों के लिए एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है। सामान की दर जेम पोर्टल के अनुरूप है। इसलिए इसमें किसी प्रकार की विसंगति नहीं हुई है। शेखर सुमन, कार्यपालक पदाधिकारी (प्रशासक) नपं सरायकेला।


