पूर्व विधायक कंवरलाल मीना को 20 दिन की पैरोल मिली:SDM पर पिस्तौल तानने के मामले में काट रहे थे सजा, कामखेड़ा बालाजी के किए दर्शन

एसडीएम की कनपटी पर पिस्तौल तानने के 2005 के मामले में तीन साल की सजा काट रहे पूर्व विधायक कंवरलाल मीना को 20 दिन की पैरोल मिल गई है। उन्हें गुरुवार दोपहर बाद झालावाड़ जेल से रिहा किया गया। जेल से बाहर आने के बाद मीना अपने घर अकलेरा पहुंचे। रात को उन्होंने कामखेड़ा बालाजी मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और दर्शन किए। पैरोल अवधि पूरी होने पर उन्हें 17 फरवरी को फिर से जेल में पेश होना होगा। मिली जानकारी के अनुसार, झालावाड़ कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने 28 जनवरी को मीना के पैरोल आवेदन को स्वीकार किया था। इसके बाद 29 जनवरी को 50 हजार रुपये के जमानत मुचलके पर उन्हें जेल से रिहा किया गया। मीना तीन साल की सजा भुगत रहे हैं। मनोहरथाना की कोर्ट में स्वयं सरेंडर होने के बाद उन्हें अकलेरा उप-जेल और फिर झालावाड़ जेल में रखा गया था। उनकी सजा के नौ महीने अब तक पूरे हो चुके हैं। यह पूरा मामला झालावाड़ जिले के मनोहरथाना इलाके की खाताखेड़ी ग्राम पंचायत में उप-सरपंच चुनाव से जुड़ा है। कंवरलाल मीना ने एसडीएम को धमकाते हुए फिर से मतदान कराने की मांग की थी। अधिकारी द्वारा बात न मानने पर मीना ने एसडीएम पर पिस्तौल तान दी थी। उन्होंने सरकारी वीडियोग्राफी की कैसेट भी तोड़ी थी, जिसके बाद उनके खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज की गई थी। मंदिर दर्शन के दौरान कंवरलाल मीना के साथ उनके समर्थक अनूप गौतम, यशवंत प्रजापति और एडवोकेट योगेंद्र सोनी भी मौजूद रहे। सजा होने से चली गई विधायकी कंवरलाल मीणा के खिलाफ सरकारी अधिकारी को धमकी देने का मामला कोर्ट गया और केस चला। एडीजे कोर्ट ने दिसंबर 2020 में कंवरलाल मीणा को दोषी ठहराया और 3 साल की सजा सुनाई। एडीजे के फैसले के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट चले गए। पांच साल तक फिर केस चला। आखिरकार हाईकोर्ट से भी मीणा को राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा और 2 सप्ताह के अंदर सरेंडर करने को कहा इस पर उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जहां सजा होने पर विधायक पद भी गवाना पड़ा। मीना 21 मई से झालावाड़ जेल में बंद थे।

प्रमोद जैन भाया को हराया था चुनाव भाजपा के टिकट पर 2013 में पहलीबार विधायक चुने गए,इसके बाद 2023 में फिर से कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रमोद जैन भाया को बारां जिले के अंता विधानसभा से चुनाव हराया था और वह विधायक बन गए, लेकिन सजा का ऐलान होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी। कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई जिसे 2025 में राजस्थान हाईकोर्ट ने बरकरार रखा, सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिलने पर सजा बरकरार है।
जेल से अस्पताल भी पंहुचे थे मीना बीजेपी के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा झालावाड़ जेल में पिछले दिनों गिरकर चोटिल हो गए थे, जेलकर्मी उन्हें इलाज के लिए तुरंत जिला अस्पताल लेकर गए, जहां से कंवरलाल मीणा को कोटा रेफर कर दिया गया था। वहां से जांच के बाद झालावाड़ अस्पताल से जेल दाखिल कर दिया था।

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