टेक्सटाइल प्रिंटिंग विशेषज्ञ और चित्रकार नीतू आहूजा की ओर से निर्मित 92 पेंटिंग्स की अनूठी एग्जीबिशन ओडीसी टू माय आर्ट शुक्रवार को जवाहर कला केंद्र (जेकेके) की सुकृति आर्ट गैलरी में शुरू हुई। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन जयपुर सिटीजन फोरम के अध्यक्ष और पूर्व राज्यमंत्री राजीव अरोड़ा, राजस्थान ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण व्यास, चित्रकार रीटा प्रताप और संस्कृतिकर्मी सुधीर माथुर ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस एग्जीबिशन में प्रदर्शित पेंटिंग्स में भगवान शिव के विभिन्न रूपों और महाकुंभ की आध्यात्मिकता को बारीकी से उकेरा गया है। नीतू की कृतियों में आधुनिकता और अध्यात्म का अनूठा समावेश देखने को मिला। लाइट ऑफ डॉन नामक पेंटिंग में ध्यानमग्न भगवान शिव, जिनकी जटाएं सुबह की सुनहरी रोशनी में फैली हुई हैं, दर्शकों को ठहरने पर मजबूर कर देती हैं। इसी तरह, चिलम पीते साधु की पेंटिंग, कुम्भ में एकत्रित साधुओं की छवि को उजागर करती है, जबकि नृत्यरत भगवान गणेश की पेंटिंग, आनंद और उत्सव का प्रतीक बनती है। बुद्ध की एक पेंटिंग, नीले फूल के माध्यम से दर्शकों को योग और ध्यान अपनाने की प्रेरणा देती है। टेक्सटाइल डिजाइनिंग से पेंटिंग तक का सफर नीतू आहूजा ने बताया कि टेक्सटाइल डिज़ाइनिंग के दौरान रंगों और रूपाकारों से जो रिश्ता बना, वही आगे चलकर उनकी कलात्मक अभिव्यक्ति का आधार बना। उन्होंने ऑइल और एक्रेलिक माध्यम का उपयोग करते हुए वर्षों से पेंटिंग बनाई हैं, लेकिन व्यस्तताओं के चलते उन्हें कभी प्रदर्शित नहीं कर पाईं। यह नीतू आहूजा की पहली सोलो एग्जीबिशन है, जिसमें उनकी 92 बेहतरीन कृतियां प्रदर्शित की गई हैं। यह प्रदर्शनी 9 फरवरी 2025 तक कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी। इसमें कलात्मक अभिव्यक्तियों, हस्तनिर्मित डिजाइनों और आध्यात्मिक चित्रों का शानदार संकलन देखने को मिल रहा है।


