पेटरवार प्रखंड के चांपी पंचायत में बुधवार की रात चौथी बार जंगली हाथी ने उत्पात मचाया। दो घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया एवं सब्जी लगे खेतों को रौंदकर बर्बाद कर दिया। इससे ग्रामीण काफी दहशत में हैं। वन विभाग की टीम हाथी की सुरक्षित स्थान पहुंचाने में असफल साबित हो रहे है। चांपी पंचायत के बड़कीटांड़ में बीती रात झुंड से बिछड़े एक हाथी अपने बच्चे के साथ मंझली देवी के कच्चा मकान व बाबूराम मांझी का पक्का मकान तोड़ते हुए चावल, धान खाकर चट कर गए। वहीं बिरसा मांझी, चंद्रदेव मांझी, लालबाबू चौड़े के आलू लगे खेत को रौंदकर नष्ट कर दिया। इस हाथी के दहशत में चांपी व मायापुर पंचायत के लोग रात भर परेशान रह रहे हैं। शाम ढलते ही पूरे गांव में भय बना रहता है।
इस संदर्भ में समाजसेवी विजय महतो ने बताया कि झुंड से बिछड़े हाथी ने चौथी बार कई घरों को तोड़कर क्षतिग्रस्त किया। वन विभाग के टीम हाथियों को भगाने में असफल साबित हो रही है। यदि इस पर काबू में नहीं लिया गया तो कभी भी बड़ी घटना सकती है। वन विभाग की टीम सूचना पर टीम हाथी भगाने में जुट जाती है। पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में असफल हो रही है। पेटरवार वन क्षेत्र के वनरक्षी मो तोहिद अंसारी ने कहा कि हमारी टीम रात भर नजर लगाए हुए रहती है। हाथियों को दूसरे स्थान पहुंचाने में लगे हैं। परंतु ये अलग प्रवृति के हाथी हैं। उन्हें खदेडऩे के लिए टीम में ज्यादा लोगों की जरूरत है। आज हमलोग इसको खदेडऩे के लिए अपनी सारी विधि का प्रयोग करेगें। कहा कि जिस ग्रामीण का घर व फसल नुकसान हुआ है, वे आवेदन दें और वेरिफिकेशन करवा कर भेजें, ताकि उन्हें मुआवजा मिल सके। पेटरवार में हाथी ने कब कहां किया था हमला 20 दिसंबर: चांपी के केशवारी गांव में बीरेन्द्र मांझी के घर को तोड़ कर घर मे धान चावल बर्बाद किया था। 7 जनवरी: मायापुर के कशिया टांड़ में रश्मि देवी आलु बारी रौंदकर बर्बाद किया था। 13 जनवरी: मायापुर बोरवापानी में शिवन मांझी के घर व चहारदीवारी तोड़कर चावल, धान, लाहर खाकर चट किया था। 15 जनवरी: चांपी पंचायत के बड़की टांड़ में मंझली देवी व बाबूराम मांझी के घर तोड़कर नुकसान किया, फसल खाया तथा रौंदा।


