पेपर-लीक का मामला चर्चाओं में:जेईई मेन 21 से, कट-ऑफ की चर्चाएं छोड़ रणनीति पर करें फोकस

इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन-2026 के जनवरी सत्र 21 से 24 तक होगी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र की संभावित कठिनाई, क्वालीफाइंग कट-ऑफ और कथित पेपर-लीक को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी अटकलें विद्यार्थियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। जनवरी सत्र में प्रति शिफ्ट लगभग सवा लाख अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं। जबकि, कुल मिलाकर करीब 12.5 लाख विद्यार्थी इस परीक्षा में बैठेंगे। अब तक के वर्षों में जेईई-मेन की प्रारंभिक शिफ्टों के प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत आसान रहने का ट्रेंड देखा गया है, हालांकि यह ट्रेंड इस बार भी कायम रहेगा या नहीं, इसका स्पष्ट संकेत परीक्षा शुरू होने के बाद ही मिलेगा। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे प्रश्नपत्र की संभावित संरचना को लेकर पूर्वाग्रह न पालें। पिछले वर्षों में फिजिक्स व केमिस्ट्री में फॉर्मूला व फैक्ट आधारित प्रश्नों तथा मैथमेटिक्स के कठिन होने जैसी धारणाएं इस बार घातक साबित हो सकती हैं। प्रश्नपत्र को दो चरणों में हल करना सबसे प्रभावी रणनीति
एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा का कहना है कि जेईई मेन में प्रश्नपत्र को दो चरणों में हल करना सबसे प्रभावी रणनीति मानी जाती है। पहले चरण में वे प्रश्न हल करें, जिनमें पूर्ण आत्मविश्वास हो। दूसरे चरण में ऐसे प्रश्न लें, जिनमें समय थोड़ा अधिक लगे, लेकिन हल निकलने की संभावना स्पष्ट हो।

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