परबतसर उपखंड के भकरी ग्राम पंचायत क्षेत्र में पिछले चार महीनों से जारी पेयजल किल्लत ने अब उग्र रूप ले लिया है। पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीणों का धैर्य बुधवार को जवाब दे गया, जिसके बाद ईमरती ढाणी, रामनगर, बंजारा कॉलोनी और कुरैशियों के मोहल्ले सहित कई इलाकों के लोगों ने बस स्टैंड पर एकत्रित होकर जिला प्रशासन और जलदाय विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने खाली मटके फोड़कर अपना विरोध जताया और विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद ठेकेदार की मनमर्जी के कारण उन्हें पानी नहीं मिल पा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गांव के ट्यूबवेलों में पानी का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद विभाग के कर्मचारी जलस्तर कम होने का झूठा बहाना बना रहे हैं। गांव में जगह-जगह पाइप लाइनें लीकेज पड़ी हैं, जिससे पानी व्यर्थ बह जाता है लेकिन घरों के नलों तक नहीं पहुंचता। जब इस बारे में ठेकेदार से बात की जाती है तो वह संसाधनों की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेता है। हालात इतने बदतर हो गए हैं कि गरीब ग्रामीणों को अपनी जेब ढीली कर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि ठेकेदार के पास संसाधनों की कमी और योजना में हो रही देरी की उच्च स्तरीय जांच की जाए। दूसरी ओर, मामले की गंभीरता को देखते हुए परबतसर के सहायक अभियंता शांति चौधरी ने आश्वासन दिया है कि विभाग के कर्मचारियों और ठेकेदार को इस संबंध में सख्त निर्देश दे दिए गए हैं और जल्द ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण राजूराम और साबरा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।


