इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद कांग्रेस ने सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इस घटना ने प्रदेश में पेयजल व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को कांग्रेस के जिला प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर ने इन मौतों को अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि जिस शहर में प्रदेश के शीर्ष मंत्री रहते हैं, वहां नागरिकों को दूषित पानी पीने से जान गंवानी पड़े, यह शासन-प्रशासन की पूरी विफलता है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि इंदौर की घटना के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों का रवैया संवेदनशील नहीं दिखा। पत्रकारों के सवालों पर नाराजगी जताना और जवाबदेही से बचना दर्शाता है कि सरकार इस गंभीर विषय पर गंभीर नहीं है। उन्होंने नैतिकता के आधार पर संबंधित मंत्री से पद से इस्तीफा देने की मांग की। अजय सिंह ठाकुर ने यह भी बताया कि यह स्थिति केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। धार सहित प्रदेश के कई नगरीय निकायों में पेयजल व्यवस्था बदहाल है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में तालाबों से आने वाला पानी गंदा होता है, और नलों में कीड़े निकलने की शिकायतें भी मिली हैं, लेकिन अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेगी। उन्होंने धार नगर पालिका के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।


