झालावाड़ के कोटा रोड पर स्थित झिरनिया गांव में शुक्रवार सुबह पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर दिया, जिसके बाद एसडीएम अभिषेक चारण और पीएचईडी विभाग के अधिकारियों की समझाइश पर मामला शांत हुआ। इस दौरान ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों से जल जीवन मिशन के तहत गांव में डाली गई पाइपलाइन को चालू कराने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि यह पाइपलाइन 2-3 वर्ष पूर्व बिछाई गई थी, लेकिन आज तक चालू नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, पाइपलाइन शुरू करवाने के लिए कई बार ग्राम पंचायत को शिकायत की गई, लेकिन ग्राम पंचायत ने इसे पीएचईडी विभाग का हवाला देकर टाल दिया। वहीं, पीएचईडी विभाग का कहना है कि उन्होंने इसे ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दिया है और वही इसका संचालन कर रही है। इस खींचतान के कारण ग्रामीणों को लंबे समय से पेयजल समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री के आश्वासन के बाद भी समाधान नहीं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने झालावाड़ दौरे से लौटते समय अचानक झिरनिया गांव में रुककर महिलाओं व ग्रामीणों से समस्याएं जानी थीं। उन्होंने पानी की समस्या और गंदगी को लेकर ग्राम विकास अधिकारी को नोटिस देकर समस्याओं को दुरुस्त करने के लिए कहा था। मंत्री के कहने के बाद 2-4 दिन तक पानी और सफाई पर ध्यान दिया गया, लेकिन समस्याएं फिर जस की तस हो गईं। सूचना मिलने पर पीएचईडी एसई गोयल और एक्सईएन अमर सिंह मीणा मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया।


