मोरारका कॉलेज के बाहर NSUI का प्रदर्शन:टायर जलाकर तानाशाही का आरोप, प्रदेशाध्यक्ष जाखड़ की गिरफ्तारी का विरोध

एनएसयूआई (NSUI) के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ और अन्य कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को झुंझुनूं जिले की छात्र राजनीति गरमा गई। जिला अध्यक्ष राहुल जाखड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मोरारका कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी को अलोकतांत्रिक बताते हुए कॉलेज गेट पर टायर जलाकर अपना विरोध जताया और प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया और छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और भी व्यापक रूप लेगा। तानाशाही के खिलाफ छात्रों की बुलंद आवाज़ एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन उनके प्रदेशाध्यक्ष और अन्य साथियों की गिरफ्तारी के विरोध में था। प्रदर्शनकारी इसे छात्रों के अधिकारों की आवाज़ को दबाने की कोशिश बता रहे थे। मोरारका कॉलेज परिसर के बाहर जुटे कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला अध्यक्ष राहुल जाखड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह गिरफ्तारी केवल छात्रों की आवाज़ को दबाने की एक साजिश है। उन्होंने प्रशासन के रवैये को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और स्पष्ट किया कि एनएसयूआई का हर कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर छात्रों की आवाज़ बुलंद करेगा और संगठन पीछे हटने वाला नहीं है। छात्रों की समस्याओं पर चुप्पी का आरोप प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्रों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। कार्यकर्ताओं ने फीस वृद्धि, बेरोजगारी, छात्रवृत्ति वितरण में देरी और कॉलेजों में सुविधाओं की कमी जैसे प्रमुख मुद्दों को उठाया। उनका कहना था कि लंबे समय से छात्र अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है, और जब छात्र संगठनों ने आवाज बुलंद की तो नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर डराने की कोशिश की जा रही है। ‘विनोद जाखड़ को रिहा करो’ के नारे मोरारका कॉलेज गेट पर हुए इस उग्र प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने ‘तानाशाही बंद करो’, ‘छात्र विरोधी नीतियां वापस लो’, और ‘विनोद जाखड़ को रिहा करो’ जैसे नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने एक सुर में कहा कि प्रशासन की दमनकारी नीति छात्रों की आवाज़ को किसी भी कीमत पर नहीं दबा पाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यह संघर्ष केवल एक नेता की गिरफ्तारी का विरोध नहीं है, बल्कि पूरे छात्र समुदाय के अधिकारों की लड़ाई है। मौके पर पुलिस बल तैनात, तनाव का माहौल प्रदर्शन के दौरान कॉलेज गेट पर भारी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात रहा। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी का विरोध शांतिपूर्ण तरीके से किया, लेकिन उनके द्वारा टायर जलाने की घटना से कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी और किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए कॉलेज गेट पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

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