भास्कर न्यूज | बंडामुंडा चक्रधरपुर रेलमंडल के बिमलगढ़, बंडामुंडा और राउरकेला में इन दिनों कोयला तस्करी जोरों पर है। कोयला माफियाओं के सामने बिमलगढ़,बंडामुंडा और राउरकेला आरपीएफ के जवान बेबस नजर आ रहे है, रोजाना कोयला तस्करी का यह खेल इन दिनों से शुरू होकर बीरमित्रपुर में खत्म हो रहा है। बिमलगढ़ आरपीएफ के अधीन रांगड़ा, पाटासाही, बिमलगढ़ आदि क्षेत्र में रेलवे साइडिंग में बड़े पैमाने पर कोयले की तस्करी हो रही है। लौह पत्थर की ढुलाई करने के लिए रेल साइडिंग पहुंच रहे मालगाड़ियों में पड़ा कोयला को क्षेत्रों के स्थानीय लोगों द्वारा उतारा जाता है। फिर उस कोयले को बोरे में भरकर बरसुआ-बीरमित्रपुर पैसेंजर ट्रेन के माध्यम से तस्करी की जा रही है। यह पैसेंजर ट्रेन को बीरमित्रपुर पहुंचने के लिए बिमलगढ़, बंडामुंडा और राउरकेला तीन आरपीएफ थाना के क्षेत्र होकर गुजरना पड़ता है। लेकिन तीनों आरपीएफ के पदाधिकारी और कोयला तस्करों की सांठगांठ के कारण यह कारोबार इन दिनों सर चढ़ कर बोल रहा है। पैसेंजर ट्रेन के कोच में सीट के नीचे एवं ट्रेनों के बाथरूम में कोयले के बोरे को ठूंस-ठूंस कर घुसाया जाता है। पाटासाही और बिमलगढ़ रेल स्टेशन से रोजाना कोयला की ढुलाई की जाती है। लेकिन स्टेशन पर मौजूद ऑपरेटिंग, वाणिज्य समेत अन्य विभागीय रेल अधिकारी भी इस अवैध कारोबार को रोकने कोई पहल नहीं करते हैं। ट्रेनों में कोयला के बारे ढुलाई किए जाने के कारण रेल यात्राओं को भी ट्रेन में यात्रा करने में काफी दिक्कतें हो रही हैं।


