भास्कर संवाददाता | चूरू गरीबों के हक के गेहूं की गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार और भी सख्त हो गई है। सरकारी राशन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा बदलाव किया जा रहा है। फरवरी से राशन उपभोक्ताओं को राशन लेने के बाद पर्ची (रसीद) मिलेगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सभी पोस मशीनों को ब्लूटूथ के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक तराजू से जोड़ेगा। इससे जितना वजन तराजू में रखा जाएगा, उतने वजन की ही पर्ची पोस मशीन से निकलेगी। इसके लागू होने के बाद गड़बड़ी करने वाले 10-20 ग्राम गेहूं की भी हेराफेरी नहीं कर सकेंगे। विभाग की ओर से यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में फरवरी में होने वाले गेहूं वितरण से लागू कर दी जाएगी। रसद विभाग के अनुसार चूरू में अब तक 30 डीलरों के तराजू को जोड़ा जा चुका है। आगामी 15-20 दिनों में सभी 904 मशीनों को रसद विभाग जोड़ देगा। पोस मशीन को इलेक्ट्रॉनिक तराजू से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद सभी 904 डीलरों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। डीएसओ अंशु तिवाड़ी का कहना है कि विभाग की ओर से किए जा रहे इस बदलाव का सीधा फायदा उपभोक्ता को होगा। यह व्यवस्था लागू होने के बाद यदि उपभोक्ता को आवंटित मात्रा से कम गेहूं तोला जाता है तो उसकी पर्ची पर मात्रा का उल्लेख होगा। वहीं, आवंटित मात्रा से अधिक तुलाई करने पोस मशीन से पर्ची नहीं निकलेगी। इस बदलाव के बाद पहले की तरह सीधे पोस मशीन से पर्ची नहीं निकल सकेगी। तराजू पर तौल होने के बाद ही पर्ची निकल सकेगी।


