भास्कर न्यूज | जालंधर दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान और कैंटोनमेंट बोर्ड की ओर से जारी सात दिवसीय निशुल्क योग शिविर में पांचवें दिन वीरवार को योगाचार्य स्वामी अश्वनी आनंद ने बताया कि कमर दर्द, सिर दर्द आज की जीवनशैली में बहुत सामान्य समस्याएं बन गई हैं। इन समस्याओं के लिए योग और आयुर्वेद में अत्यंत प्रभावी उपचार बताए गए हैं। उन्होंने भुजंगासन, मार्जरी-बीठी आसन, शलभासन, सेतु बंधासन, अर्ध मत्स्येन्द्रासन समेत शवासन, अनुलोम-विलोम प्राणायाम आदि का जिक्र करते हुए कहा कि अगर इंसान इन आसनों एवं प्राणायाम को करता रहे तो स्वस्थ जीवन जीने से उसको कोई भी नहीं रोक सकता। वहीं आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी सज्जनानंद ने कहा कि पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। वे न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण को संतुलित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तेजी से बढ़ती जनसंख्या और औद्योगीकरण के कारण पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और प्राकृतिक आपदाओं जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ब्रिगेडियर सुनील सॉल एवं सीईओ ओम पाल ने कहा कि पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण केवल एक व्यक्ति का ही नहीं, हमारी सभी पीढ़ियों की जिम्मेदारी बनती है। यह समय है कि हम सब मिलकर इस दिशा में काम करें और अपनी पृथ्वी को हरा-भरा और स्वस्थ बनाएं। संस्थान की जालंधर शाखा की प्रमुख साध्वी पल्लवी भारती ने योग प्रेमियों को तुलसी के पौधे भी वितरित किए। यहां कैंटबोर्ड गर्ल्स स्कूल से प्रिंसिपल पूनम पाठक, महेश गुप्ता, अरविंद प्रकाश, डॉ. केशव, प्रीतम कुमार, अश्वनी अग्रवाल, करण कुमार, कमलेश गर्ग, बॉबी जिंदल, नीरज शर्मा, रविंदर धालीवाल व अन्य साधक उपस्थित थे। सभी ने योग आसनों का अभ्यास किया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान और कैंटोनमेंट बोर्ड के सदस्य (दाएं) कैंप में साधक योग करते हुए।


