प्रतापगढ़ जिले में शीतलहर के संभावित प्रभाव को देखते हुए, जिला प्रशासन ने आमजन की सुरक्षा के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में शीतलहर से पहले और उसके दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के साथ-साथ हाइपोथर्मिया की स्थिति में तत्काल किए जाने वाले उपायों का भी उल्लेख है। जिला कलेक्टर ने सजग रहने की सलाह दी
जिला कलेक्टर ने बताया कि शीतलहर से पहले पर्याप्त मात्रा में सर्दियों के कपड़े रखें। कपड़ों की कई परतें पहनना भी लाभदायक रहता है। आपातकालीन आपूर्तियों के लिए सभी आवश्यक सामान तैयार रखें। लोगों को शीतदंश के लक्षणों जैसे उंगलियों, पैर की उंगलियों, कानों की लोब और नाक की नोक पर सुन्नता, सफेदी या पीलेपन के प्रति सजग रहने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि शीतदंश से प्रभावित हिस्से की मालिश न करें, बल्कि उसे गुनगुने पानी में डालें। कंपकंपी को नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह शरीर से गर्मी के तेजी से निकलने का संकेत है। कंपकंपी महसूस होने पर तुरंत सुरक्षित स्थान या घर लौटें। अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
शीतलहर के दौरान, जितना संभव हो घर के अंदर ही रहें और ठंडी हवा से बचाव के लिए अनावश्यक यात्रा से बचें। शरीर को सूखा रखें और यदि कपड़े गीले हो जाएं तो तुरंत बदलें, ताकि शरीर की ऊष्मा बनी रहे। मौसम की ताजा जानकारी के लिए रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से अपडेट रहें। नियमित रूप से गर्म पेय का सेवन करें और विशेष रूप से बुजुर्गों तथा बच्चों का अतिरिक्त ध्यान रखें। हाइपोथर्मिया की स्थिति से निपटने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति हाइपोथर्मिया से प्रभावित होता है, तो उसे तुरंत गर्म स्थान पर ले जाएं और उसके गीले कपड़े बदलें। सूखे कंबल, कपड़े, तौलिया या चादरों से शरीर को गर्मी प्रदान करें। शरीर का तापमान बढ़ाने के लिए गर्म पेय दें, लेकिन मादक पेय न दें। यथाशीघ्र व्यक्ति को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं।


