प्रभु राम और सीता के विवाह प्रसंग से श्रद्धालुओं में छाया उल्लास

भास्कर न्यूज | बलौदाबाजार धर्म, भक्ति और अध्यात्म की त्रिवेणी इन दिनों शहर के ऐतिहासिक दशहरा मैदान में प्रवाहित हो रही है। सोनचंद वर्मा स्मृति फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय राम कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धा और उल्लास अपने चरम पर नजर आए। कथा वाचन के दौरान जैसे ही प्रभु राम और माता सीता के मंगल विवाह का प्रसंग प्रारंभ हुआ, पूरा पंडाल ‘सिया-राम’ के जयघोष से गूंज उठा और दशहरा मैदान मानो मिथिला की भव्यता में रंग गया। कथा वाचक दीदी देवी चंद्रकला ने राम-लक्ष्मण के विश्वामित्र के साथ मिथिला आगमन से लेकर धनुष भंग तक की कथा को अत्यंत मार्मिक और ओजस्वी शैली में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जनकपुर की सभा में शिव धनुष का भंग केवल शौर्य प्रदर्शन नहीं, बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक था। जैसे ही राम-जानकी के जयमाला का प्रसंग आया, आयोजन समिति द्वारा पुष्प वर्षा की गई। पुष्पों की बरसात के बीच श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भजनों पर झूम उठे और पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया। व्यासपीठ से संबोधन में दीदी चंद्रकला ने कहा कि राम-सीता का विवाह मर्यादा और समर्पण का अद्भुत संगम है। यह केवल एक पौराणिक प्रसंग नहीं, बल्कि आज के समाज के लिए जीवन दर्शन है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में जब पारिवारिक मूल्यों में विघटन दिखाई देता है, तब राम जैसा संयम और सीता जैसा समर्पण हर परिवार के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है। युवाओं से उन्होंने आग्रह किया कि वे दिखावे और भौतिकता से दूर रहकर राम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें। आयोजन के मुख्य संयोजक पुष्पराज वर्मा ने कहा कि यह कथा आयोजन समाज में समरसता, सेवा और भक्ति की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि सोनचंद वर्मा का जीवन समाज सेवा और धार्मिक चेतना से जुड़ा रहा और उसी प्रेरणा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है। वर्मा स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। राम कथा के चलते पूरा बलौदाबाजार नगर उत्सवमय वातावरण में डूबा हुआ है। प्रमुख चौराहों से लेकर कथा स्थल तक आकर्षक सजावट की गई है। बड़ी संख्या में मातृशक्ति, वरिष्ठ नागरिक और युवा वर्ग की सहभागिता यह दर्शा रही है कि क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना निरंतर सशक्त हो रही है। आयोजन समिति के अनुसार आगामी दिनों में कथा के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों के साथ भव्य झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। आज की महाआरती में नगर के अनेक प्रतिष्ठित नागरिक, जनप्रतिनिधि और फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और सामाजिक सौहार्द की कामना की।

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