प्रेमानंद महाराज, रावण, गांधी सहित 275 पात्र चल समारोह में:राम-रावण युद्ध हुआ; आतिशबाजी से गूंजा दशहरा मैदान, 30 हजार लोग पहुंचे

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर के पटवा बाजार से शाम 5 बजे शुरू हुए दशहरे के ऐतिहासिक चल समारोह में इस बार रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ जैसे पौराणिक पात्रों से लेकर गांधीजी, शिवाजी, महाराणा प्रताप, पुष्पा फिल्म के हीरो और शोले के गब्बर तक 275 से अधिक चरित्र नजर आए। परंपरा और आधुनिकता के इस अद्भुत संगम को देखने के लिए गुरुवार शाम 30 हजार से अधिक लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांधी जयंती के मौके पर महात्मा गांधी का रूप धारण कर निकले पप्पू नामदेव (पॉपुलर) पूरे समारोह का विशेष आकर्षण रहे। इसी तरह भगवान श्रीराम की सेना में शामिल 70 से अधिक पात्रों, पंचमुखी हनुमान, नृसिंह अवतार और अर्जुन-कृष्ण सारथी की झांकी ने श्रद्धालुओं को रोमांचित कर दिया। दरअसल, नगर परिषद के सहयोग से बजरंग समिति द्वारा आयोजित इस चल समारोह की शुरुआत शाम 5 बजे पटवा बाजार से हुई। इससे पहले राजघराने के प्रियव्रत सिंह, विधायक हजारीलाल दांगी और नगर परिषद अध्यक्ष रामजानकी मालाकार ने भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की। चल समारोह में भगवान श्रीराम और रावण के साथ-साथ 275 से अधिक पौराणिक, डरावने और फिल्मी पात्र आकर्षण का केंद्र रहे। इनमें रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ के साथ भगवान राम की सेना में हनुमानजी, अंगद सहित 70 से अधिक पात्र शामिल थे। विशेष रूप से गांधी जयंती पर पप्पू नामदेव द्वारा निभाया गया महात्मा गांधी का किरदार लोगों को बेहद पसंद आया। इतना ही नहीं, नृसिंह अवतार, अर्जुन-कृष्ण सारथी, पंचमुखी हनुमान, शिवाजी, महाराणा प्रताप, तानाजी, सांबाजी, बाजीराव जैसी ऐतिहासिक झांकियों के साथ बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री, प्रेमानंद जी महाराज, डिजिटल भिखारी, कंचना व छावा फिल्म के पात्र, पुष्पा-1 और 2 के किरदार और शोले के गब्बर तक ने लोगों को रोमांचित कर दिया। पटवा बाजार से शुरू हुआ यह जुलूस पैलेस रोड, सराफा बाजार, सुभाष चौक, तोपखाना गेट से होता हुआ सोमवारिया के दशहरा मैदान पर पहुंचा, जहां विशाल भीड़ पहले से मौजूद थी। मैदान पर मंचित राम-रावण युद्ध में श्रीराम ने अपने तीर से रावण का वध किया। इसके बाद रंग-बिरंगी आतिशबाजी के बीच रावण के दसों सिर धमाकों के साथ फट पड़े और वातावरण “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा। खिलचीपुर का दशहरा जिलेभर में प्रसिद्ध है और हर साल हजारों लोग इसे देखने दूर-दूर से पहुंचते हैं। इस बार की झांकियों और पात्रों ने इसे और भी भव्य और यादगार बना दिया।

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