फरीदकोट के सादिक कस्बे में नशा तस्करी से जुड़े एक व्यक्ति की हादसे में मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक की पहचान कम्मेआना गेट निवासी राज सिंह उर्फ राजू के रूप में हुई और उसकी मौत की सूचना मिलते ही उसके परिजनों ने गुरू गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहुंच कर हंगामा किया और थाना सादिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का दावा कि राज सिंह का पीछा कर रही गाड़ी की टक्कर के कारण यह मौत हुई है। जबकि पुलिस का कहना है कि राज सिंह बड़ी तेज रफ्तार के साथ बाइक पर जा रही था और एक मोड़ पर दीवार से टक्कर के कारण उसकी मौत हुई है। यह सारा वाक्या मंगलवार रात (8 अप्रैल) का है। जानकारी के अनुसार राज सिंह उर्फ राजू की बाइक, दीवार से टकरा गई और गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। जब उसे फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया तो उसके परिवार के सदस्यों और इलाके के निवासियों ने पुलिस प्रशासन के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया और आरोप लगाया कि यह पूरी घटना पुलिस द्वारा पीछा किए जाने के कारण हुई। मृतक के रिश्तेदार अमरजीत सिंह समेत उसके बेटे और बेटी ने कहा कि पुलिस द्वारा मामले को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई। उधर, इस मामले में सादिक के सरपंच दिशा सिंह ने बताया कि यह व्यक्ति बहुत तेज गति से बाइक चला रहा था और बाइक मोड़ते समय दीवार से टकरा गई, जिससे उसकी मौत हो गई। उनकी सूचना मिलने के बाद ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। पुलिस के पीछा करने की बात में नहीं कोई सच्चाई- डीएसपी
इस मामले में डीएसपी त्रिलोचन सिंह ने परिवार के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि चूंकि मृतक के खिलाफ नशा तस्करी समेत अन्य धाराओं के 11 मामले दर्ज थे और वह अक्सर घर से बाहर ही रहता था। ऐसे में परिवार को लगता है कि पुलिस उसका पीछा कर रही थी लेकिन इस बात में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।


