भास्कर न्यूज | कवर्धा जिले में अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के अधिकारों के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम राजानवागांव (बोड़ला ब्लॉक) निवासी भुनेश्वर पिता पंचु केवट पर फर्जी एसटी जाति प्रमाण पत्र बनवा जिला पंचायत के आवास समन्वयक विभाग में करीब 8 वर्षों से नौकरी करने का आरोप है। यही नहीं, स्वयं सहित पूरे परिवार द्वारा एसटी वर्ग की शासकीय योजनाओं का लाभ लेने का भी आरोप है। मामले के सामने आने के बाद आदिवासी समाज में आक्रोश है। समाज ने कलेक्टर व संबंधित विभागीय अधिकारियों को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, पंचु केवट के बड़े भाई फागुराम के नाती दिनेश कुमार पिता होरीलाल केंवट को जारी अस्थायी जाति प्रमाण पत्र के संबंध में पटवारी द्वारा 11 सितंबर 2014 को दिए गए प्रतिवेदन में जाति केवट दर्ज की गई है। वहीं ग्राम पंचायत राजानवागांव की तत्कालीन सरपंच सरोज बाई द्वारा जारी वंशवृक्ष प्रमाण पत्र में दिनेश कुमार के पूर्वजों की जाति निषाद केंवट अंकित है। इसी सरपंच द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र में भी जाति केंवट व उपजाति निषाद दर्शाई गई है। फर्जी सर्टिफिकेट निरस्त करने की मांग रखी गई समाज ने इस पूरे मामले में जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों और सत्यापन करने वाले कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि फर्जी एसटी प्रमाण पत्र को तत्काल निरस्त किया जाए। नौकरी से बर्खास्तगी की कार्रवाई, अब तक लिए गए शासकीय लाभों की वसूली और फर्जीवाड़े में संलिप्त अधिकारियों/कर्मचारियों पर भी एफआईआर दर्ज करने मांग की है।


