फर्जी कोर्ट रूम बनाकर 33.60 लाख रुपए की ठगी:CBI अधिकारी बताकर धमकाया, बोले- जज साहब के सामने घर का दरवाजा खोलने से पहले भी पूछें

उदयपुर में ठगी का नया मामला सामने आया है। हिंदुस्तान जिंक से रिटायर्ड 61 साल के बुजुर्ग को पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर झांसे में लिया गया। ठगों ने वीडियो कॉल पर फर्जी कोर्ट रूम तैयार किया। ऑनलाइन वकील देकर पीड़ित की पेशी करवा दी। सजा और गिरफ्तारी की धमकी देकर 33.60 रुपए ठग लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत उदयपुर जिला कोर्ट स्थित विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे कुलदीप शर्मा को की। कुलदीप शर्मा ने पूरा मामला सुना और आईजी को कार्रवाई करने के लिए कहा। आईजी के आदेश पर शहर के साइबर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। 5-7 घंटे घर में कैद रखा, ​बिना अनुमति कॉल रिसीव-दरवाज नहीं खोलने दिया दरअसल, 12 नवंबर को सुबह 9 बजे बुजुर्ग दुर्गेश शर्मा (बदला नाम) के मोबाइल पर ट्राय अथॉरिटी न्यू दिल्ली के नाम से कॉल आया। सामने वाले व्यक्ति ने कहा- आपके आधार कार्ड से एक सिम इश्यू हुई है। इससे 24 परिवारों ने 2 करोड़ रुपए के 40 ट्रांजैक्शन किए है। इसके बाद बुजुर्ग को वॉट्सएप पर वीडियो कॉल के जरिए कनेक्ट किया गया। इसमें एक पुलिस की वर्दी पहने व्यक्ति खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए बोला- ये मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला है। इसमें आपको आरोपी बनाया है। आपका फोन सर्विलांस पर है। इस दौरान पीड़ित के मोबाइल में वॉट्सएप छोड़कर सभी मोबाइल ऐप डिलीट करवा दिए। कहा- आपको जज साहब के सामने पेश किया जाएगा। कोई अन्य कॉल रिसीव नहीं कर सकते। घर पर अगर कोई आता है तो दरवाजे खोलने की भी अनुमति लें। बैंक पासबुक, जमा धन, शेयर्स की जानकारी वॉट्सएप पर ले ली इसके बाद 13 नवंबर को वीडियो कॉल आया। ठगों ने वीडियो कॉल पर बनाए फर्जी कोर्ट रूम में पेशी की। इस दौरान पीड़ित से बैंक पासबुक, जमा धन, शेयर्स सहित अन्य जानकारी वॉट्सएप पर फोटो खींचवाकर ली गई। सभी प्रोपर्टी का विवरण मांगा। इसी दौरान ​कोर्ट में सजा और गिरफ्तारी की धमकी दी। पैसे मांगे। 14 नवंबर को बुजुर्ग ने 18.10 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 15 नवंबर को 8.50 लाख रुपए और भेजे। वहीं, 18 नवंबर को वापस वीडियो कॉल आया। शेयर बेचने का दबाव डाला। फिर एसबीआई सिक्योरिटी के 1.70 लाख और एमके ग्लोबल के 5.94 लाख के शेयर बिकवा दिए। इनकी डिटेल मांगी। फिर 20 नवंबर को 7 लाख रुपए और भेजे। इस तरह पीड़ित से करीब 33 लाख रुपए ठग लिए। फिर 25 नवंबर को वापस कॉल आया, लेकिन तब बुजुर्ग को खुद के साथ ठगी का अहसास होने लगा। उसने अपने परिवार में यह बात बताई तो मामले का खुलासा हुआ।

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