फलोदी में एसएफआई जिला कमेटी ने फीस बढ़ोतरी और कॉलेज की विभिन्न समस्याओं को लेकर जयनारायण मोहनलाल पुरोहित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला। बोले-बैंक शुल्क के नाम पर वसूल रहे 700 रुपए
एसएफआई जिलाध्यक्ष गोपाल शेखासर ने आरोप लगाया-विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार विद्यार्थियों पर फीस का बोझ बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति लागू होने से पहले परीक्षा शुल्क 1200-1300 रुपए था, जिसे अब चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर लगभग 3100 रुपए कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बैंक शुल्क के नाम पर 700 रुपए अलग से वसूले जा रहे हैं। लंबे समय से बंद पड़े सीसीटीवी
शेखासर ने यह- यूनिवर्सिटी प्रशासन परीक्षा शुल्क के अलावा प्रति विद्यार्थी से साल में दो बार 850 रुपए गेम्स एवं डेवलपमेंट शुल्क और 350 रुपए डाटा हैंडलिंग शुल्क भी ले रहा है। जबकि पिछले दो वर्षों से महाविद्यालय में कोई खेल गतिविधि आयोजित नहीं की गई है। इसके अलावा, कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी लंबे समय से बंद पड़े हैं। दो घंटे तक चला विरोध प्रदर्शन
दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन और ताला बंदी के बाद महाविद्यालय के प्राचार्य शशांक देव मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से चर्चा की और उनकी मांगों को सरकार तथा विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने ताला खोल दिया। प्राचार्य ने महाविद्यालय स्तर की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाते हुए कहा कि खेल मैदान की सफाई कर क्रिकेट पिच का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने जनवरी माह से खेल गतिविधियां पुनः शुरू करने और सीसीटीवी कैमरे शीघ्र ही दुरुस्त करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही, फीस में कमी को लेकर विश्वविद्यालय को ज्ञापन भेजने की बात भी कही। ये रहे मौजूद
इस दौरान एसएफआई जिलाध्यक्ष गोपाल शेखासर, जिला छात्रा संयोजक दिव्या गंढेर, कॉलेज कमेटी अध्यक्ष कैलाश चौहान, उपाध्यक्ष दिनेश कुमार, कन्या महाविद्यालय कमेटी अध्यक्ष कविता सिसोदिया सहित रिंकू परिहार, सुनील कुमार, हरीश कुमार, खियाराम, महेंद्र मेघवाल, कमला, सुमन, तनुश्री, निकिता, सुषमा, शुभम परिहार, कैलाश खीचन, उदयराज, भागीरथ, डिम्पल, माया पंवार, रामप्यारी, सुशीला, कविता, कानाराम, निरमा, पायल, शिल्पा समेत सैकड़ों विद्यार्थी मौजूद रहे।


