ट्रैफिक पुलिस की सख्ती के बाजवूद बाइक व स्कूटी सवार शहर में यातायात नियमों का पालन करने के लिए तैयार नहीं हैं। जान की परवाह किए बगैर ये लोग सड़कों पर बिना हेलमेट पहने ही सरपट गाड़ी दौड़ा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ऐसे लोगों से सख्ती से निपट रही है। पिछले 6 महीने में बिना हेलमेट पहने बाइक व स्कूटी चलाते 3.14 लाख लोगों का चालान काटा गया है। सबसे ज्यादा चालान बगैर हेलमेट पहने गाड़ी चलाने के आरोप में ही कटा है। बाजवूद इसके बिना हेलमेट पहने गाड़ी चलाने वालों पर पूर्ण रूप से लगाम नहीं लग पा रहा है।इसके बाद नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने वाले 18 हजार वाहन सवारों को भी पकड़ा गया है, जिनका ट्रैफिक पुलिस ने चालान काटा है। हालांकि, गलत साइड से ड्राइविंग करने वाले वाहन सवारों की संख्या पहले की तुलना में काफी कम हुई है। पिछले 6 महीने में 278 वाहन सवारों को ही रॉन्ग साइड से ड्राइविंग करते हुए पकड़ा गया है। इसके अलावा ओवर स्पीड गाड़ी ड्राइव करते हुए 3720 वाहन सवारों को पकड़े जाने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने चालान काटा है। यह आंकड़ा अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 तक का है। रतन टॉकीज चौक पर कट रहा सबसे ज्यादा चालान : वाहन सवार मेन रोड में सबसे ज्यादा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ड्यूटी पर तैनात जवान उनके खिलाफ कार्रवाई भी कर रहे हैं। विभिन्न जगहों पर सीसीटीवी कैमरे से चालान काट रहे हैं। जहां कैमरा नहीं लगा है, वहां जवान मैनुअल ही वाहन सवारों को पकड़ कर फाइन काटा जा रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा ट्रैफिक नियम मेन रोड में ही तोड़े जा रहे हैं। रतन टॉकीज चौक पर सबसे ज्यादा वाहन सवारों का चालान कट रहा है। अंजुमन प्लाजा के पास भी ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। सुबह में बगैर हेलमेट वाले सबसे ज्यादा पकड़े जा रहे मॉर्निंग वॉक करने वाले लोग मैदान तक पहुंचने के लिए बाइक व स्कूटी का इस्तेमाल करते हैं। सुबह का समय होने की वजह से उन्हें लगता है कि ट्रैफिक जवान तैनात नहीं हैं तो चालान नहीं कटेगा। ऐसे में वे बगैर हेलमेट लगाए ही बाइक व स्कूटी से निकल जाते हैं। हालांकि, चौक-चौराहों पर कैमरे की जद में आने के बाद उनका चालान कट रहा है। स्कूल बस स्टॉपेज तक भी बगैर हेलमेट पहने ही अभिभावक स्कूटी व बाइक से बच्चों को पहुंचाने आते हैं। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, सुबह के समय में सबसे ज्यादा बाइक सवार बगैर हेलमेट पहने पकड़े जा रहे हैं।


