पंजाब के फाजिल्का में सरकारी अस्पताल में आए डिलीवरी केस को फरीदकोट रेफर करने पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत कुमार जियानी भड़क गए। वह अपनी टीम सहित फाजिल्का के सरकारी अस्पताल पहुंच गए l जहां उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कारगुज़ारी पर सवाल खड़े किए l जबकि स्वास्थ्य विभाग ने तर्क दिया कि गायनाकोलॉजिस्ट के छुट्टी पर होने के चलते केस रेफर किया गया था l फाजिल्का से पूर्व विधायक और पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत कुमार जियानी ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान इस सरकारी अस्पताल का निर्माण करवाया गया था l जब सभी डॉक्टरों द्वारा यहां स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती थी l लेकिन अब हालात यह है कि डिलीवरी केस को भी रेफर किया जा रहा है l यहां गर्भवती महिलाओं का भी इलाज नहीं किया जा रहा है। जिसको लेकर उन्होंने मौजूदा सरकार के विधायक और स्वास्थ्य विभाग को आड़े हाथों लेते हुए उनकी कारगुजारी पर सवाल खड़े किए है l उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टर न होने के चलते आम लोगों को वह स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही l जिसको लेकर बड़े बड़े दावे किए जा रहे है l डिलीवरी केस तक रेफर किया जा रहे हैं l जिसके चलते गर्भवती महिलाओं को फरीदकोट जाना पड़ रहा है l मौके पर मौजूद मुकेश कुमार ने बताया कि उनके परिवार को पिछले 3-4 घंटों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है l बिना चैकअप किए उन्हें फरीदकोट रेफर किया जा रहा है और तर्क दिया जा रहा है कि डॉक्टर नहीं है l हालांकि उधर कार्यकारी सिविल सर्जन डॉक्टर एरिक का कहना है कि सरकारी अस्पताल में एक ही गायनाकोलॉजिस्ट है l जो ट्रेनिंग के चलते छुट्टी पर है l जिसके चलते ही दिक्कत आई है, और मरीज को रेफर किया जा रहा है l उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस के जरिए उन्हें रेफर किया गया है l


