आर्च कॉलेज ऑफ डिजाइन एंड बिजनेस में सोमवार को फायर सेफ्टी और सस्टेनेबल एचवीएसी सिस्टम पर विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएसएआई) से रवि कुमावत और गणपत चौधरी और इंडियन सोसाइटी फॉर हीटिंग, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग इंजीनियरिंग (आईएसएचआरएई) से नितिन कालरा ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन तैयार करने के लिए आवश्यक ज्ञान और तकनीकी जानकारी प्रदान करना था। कार्यशाला के दौरान फायर सेफ्टी से जुड़े नियमों और नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) के सुरक्षा मानकों पर विस्तार से चर्चा की गई। छात्रों को आधुनिक फायरफाइटिंग सिस्टम और उनके उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने निर्माण और वास्तुकला में फायर सेफ्टी उपायों की अहमियत को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे सही डिज़ाइन से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। कार्यशाला में स्थायी और ऊर्जा-कुशल एचवीएसी तकनीकों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने छात्रों को वेरिएबल रेफ्रिजरेंट फ्लो (वीआरएफ) जैसी ऊर्जा बचाने वाली तकनीकों के उपयोग और एयर कंडीशनरों से उत्पन्न ऊर्जा को हीटिंग वेंटिलेटर सिस्टम में पुनः उपयोग करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। चर्चा में कम कार्बन उत्सर्जन वाले डिजाइन तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। आर्च कॉलेज की संस्थापक और निदेशक, अर्चना सुराणा ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्रों को न केवल सुरक्षित डिजाइन तैयार करने के लिए प्रेरित करती हैं, बल्कि उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूकता और टिकाऊ भविष्य के लिए सोचने का अवसर भी देती हैं। हम अपने छात्रों को हर पहलू से तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


