मध्यप्रदेश फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष संजय जैन द्वारा छात्र तुषार के साथ की गई कथित मारपीट और धमकी की घटना ने राज्यभर में आक्रोश पैदा कर दिया है। शुक्रवार को सामने आए इस प्रकरण में तुषार ने आरोप लगाया था कि रजिस्ट्रेशन संबंधी शिकायत लेकर काउंसिल दफ्तर पहुंचने पर अधिकारियों और गार्डों ने उसे घसीटकर कमरे में बंद कर लिया और उसकी पिटाई की। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अब छात्र संगठनों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) को विस्तृत शिकायत भेजकर संजय जैन को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि घटना न केवल पद की गरिमा का उल्लंघन है, बल्कि यह बंधक बनाने और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों की श्रेणी में आता है। पत्र में लगाए गंभीर आरोप
एनएसयूआई ने शिकायत पत्र में उल्लेख किया कि 28 नवंबर 2025 को छात्र तुषार फार्मेसी काउंसिल में डिजिटल साइन पेंडिंग की समस्या लेकर पहुंचे थे। इस दौरान अध्यक्ष संजय जैन, कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों ने कथित रूप से उन्हें गेट से घसीटकर अंदर ले जाया, कमरे में बंद किया और बेरहमी से पिटाई की। तुषार को जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। एनएसयूआई ने कहा कि इस घटना ने परिषद की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एनएसयूआई की पांच प्रमुख मांगें एनएसयूआई ने दी चेतावनी
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार इस गंभीर मामले में तुरंत कार्रवाई नहीं करती, तो संगठन प्रदेशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा। तोमर ने कहा- यह मामला केवल एक छात्र की सुरक्षा का नहीं है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य परिषदों की विश्वसनीयता का प्रश्न है। संजय जैन को तत्काल पद से हटाना और उनके खिलाफ अपराध दर्ज करना जरूरी है।” एनएसयूआई ने साफ कहा है कि छात्रों पर अत्याचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, और सरकार को इस मामले में ठोस कदम उठाने ही होंगे।


