फास्टैग में बैलेंस के बाद भी दोगुना टोल वसूला, 15 हजार रु. का दंड

भास्कर संवाददाता | राजगढ़ फास्ट टैग में पर्याप्त राशि होने के बाद भी वाहन चालक से दोगुना टोल वसूलना टोल कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा मानते हुए कंपनी पर 15 हजार रुपए का दंड लगाया है। साथ ही अतिरिक्त वसूली गई राशि लौटाने और क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। खुजनेर निवासी शैलेंद्र कुमार गुप्ता 28 जून 2022 को अपनी कार से राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कचनारिया टोल प्लाजा से गुजरे। उनके फास्ट टैग खाते में 250 रुपए बैलेंस था। नियम अनुसार एक ओर की यात्रा पर 70 रुपए कटे। वापसी में 35 रुपए कटना थे, लेकिन कर्मचारियों ने फास्ट टैग से राशि काटने के बजाय 140 रुपए नगद वसूल लिए। उसी दिन दोबारा गुजरने पर फिर 140 रुपए ले लिए गए। इस तरह 280 रुपए अतिरिक्त वसूले गए। 10 हजार मानसिक क्षतिपूर्ति, 5 हजार वाद व्यय चुकाने के आदेश पीड़ित ने इसे मनमानी बताते हुए आयोग में परिवाद दायर किया। सुनवाई के दौरान टोल कंपनी की ओर से कोई जवाब या उपस्थिति नहीं हुई। दस्तावेज, रसीदें और फास्ट टैग विवरण देखने के बाद आयोग ने माना कि बैलेंस रहते नगद वसूली नियम विरुद्ध है और ये उपभोक्ता के साथ अन्याय है। आयोग ने 280 रुपए वापसी, 10 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपए वाद व्यय देने के निर्देश दिए हैं। समय पर भुगतान नहीं करने पर ब्याज सहित राशि अदा करनी होगी।

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