रतलाम में 14 साल के लड़के के सुसाइड केस में पुलिस ने 6 लोगों पर केस दर्ज किया है। इनमें 3 सगे भाई-बहन शामिल हैं। रिंगनोद थाना क्षेत्र के एक गांव में 26 सितंबर को नाबालिग ने फांसी लगाकर अपनी जान दी थी। पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि नाबालिग ने मारपीट और प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी की है। 7 दिन बाद केस दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। न्यूड वीडियो बनाया, वायरल करने की धमकी दी
शुक्रवार (26 सितंबर) को 10वीं के छात्र रुद्र चौहान ने अपने घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। परिजन ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे के साथ मारपीट कर उसे प्रताड़ित किया गया। एक कमरे में बंद कर उसका न्यूड वीडियो बनाया गया। आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इससे आहत होकर उसने यह कदम उठाया। इस संबंध में शुक्रवार (3 अक्टूबर) को परिजन ने रतलाम एसपी अमित कुमार से शिकायत कर कुछ लोगों पर आरोप लगाए थे। इसके बाद रिंगनोद थाना पुलिस ने पुलिस ने आरोपी हर्ष उर्फ लक्की चौहान पिता राकेश चौहान, सुमित चौहान पिता इंदर सिंह चौहान, अनुराग पिता विजय चौहान, अनुराग के भाई चिराग व बहन नेहा और क्रिश निवासी ग्राम ढोढर बांछड़ा डेरा के खिलाफ बीएनएस की धारा 107, 127 (2), 115 (2) व 3 (5) के तहत केस दर्ज किया। बांछड़ा डेरे में चंचल नामक युवती से मिलने गया था
परिजन ने एसपी को बताया था कि बेटा रुद्र अपने दो नाबालिग दोस्तों के साथ 25 सितंबर को ढोढर के बांछड़ा डेरे में चंचल नामक युवती से मिलने गया था। तब आरोपी अनुराग चौहान, उसके भाई चिराग और बहन नेहा समेत अन्य लोगों ने रुद्र के साथ मारपीट कर उसे प्रताड़ित किया था। उसके दोस्त वहां से डरकर भाग गए थे। इस बीच आरोपियों ने नेहा के घर पर रुद्र के कपड़े उतारकर उसका वीडियो बनाया था। उन्होंने वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी। जब उसका बड़ा भाई छुड़वाने गया तो आरोपियों ने उसे सौंपने से मना कर दिया। कहा था हम उसे मारेंगे। कुछ समय बाद आरोपी उसे एक गाड़ी में बैठाकर ग्राम परवलिया ले गए। वहां उसे छोड़कर भाग गए थे। रुद्र घर आया और बड़े भाई को पूरी घटना बताई थी। दूसरे दिन दोपहर में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आरोप- रिंगनोद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी
रुद्र की मौत के बाद परिजन ने रिंगनोद थाने की ढोढर चौकी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए थे। इसी कारण रतलाम आकर एसपी अमित कुमार से शिकायत की। परिजन हाथों में मृतक छात्र का फोटो, निवेदन न्याय की गुहार, किसी भी भाई-बेटे के साथ न हो ऐसा, उसके लिए एक आवाज बनें लिखे बैनर लेकर एसपी आफिस पहुंचे थे। उन्होंने चौकी प्रभारी को हटाकर उच्च अधिकारियों से जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।


