भास्कर न्यूज | बालोद बुधवार को सुबह 10.12 से 10.27 बजे तक पड़कीभाट-बालोद-पाररास बाइपास पर स्थित बघमरा रेलवे फाटक बंद होने से लोग परेशान होते रहे। मालगाड़ी गुजरने के बाद गेटकीपर ने गेट खोला। जिसके बाद दोनों तरफ कुछ समय तक ट्रैक्टर व चारपहिया वाहनों की वजह से जाम की स्थिति बनी। मौके पर मौजूद भुवन साहू, नरेश श्रीवास्तव, हरिकोमल साहू ने बताया कि यह सिर्फ एक दिन की समस्या नहीं है, रोजाना परेशानियों से जूझना पड़ता है। ट्रेन, मालगाड़ी गुजरने के दौरान गेट कभी 5 मिनट तो कभी 10 से 20 मिनट तक के लिए बंद रहती है। सुबह 6 से रात 9 बजे तक 15 घंटे में ही 22 या इससे ज्यादा बार गेट बंद होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां 4 साल पहले ओवरब्रिज या अंडरब्रिज क्या बनेगा, इसके लिए सर्वे हुआ था लेकिन दोनों में से क्या बनेगा, यह अब तक रेलवे प्रशासन तय नहीं कर पा रहा है। जबकि सेतु विभाग की ओर से सर्वे रिपोर्ट दी जा चुकी है। सर्वे रिपोर्ट में अंडरब्रिज के बजाय ओवरब्रिज बनाने सुझाव दिया गया है। चीफ स्टेशन मास्टर जयंत मराठे का कहना है कि निर्माण कार्य से संबंधित मामले की जानकारी दूसरे डिपार्टमेंट वाले देंगे। अफसर बोले- यह शासन स्तर का मामला है, हम कुछ नहीं कर सकते रोमेश साहू, विनोद ठाकुर, अखिलेश साहू, शेखलाल, विश्वकांत, ढालेश्वर भारद्वाज, अजय साहू ने बताया कि ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने से रोज परेशान हो रहें है। इसकी जानकारी अफसरों के अलावा जनप्रतिनिधियों को भी है, बावजूद राहत दिलाने कोई ध्यान नहीं दे रहे है। पिछले कई साल से सुनते आ रहे हैं कि यहां अंडरब्रिज या ओवरब्रिज बनाने की प्लानिंग बनी है। जो फाइल में ही कैद है। सेतु विभाग ने चार साल पहले सर्वे कर रिपोर्ट रेलवे विभाग को सौंप दी है। ट्रेन गुजरने के बाद भी 2 से 5 मिनट तक गेट खुलने का करते हैं इंतजार तेजराम साहू, रूपेश, भूपेंद्र, भूषण साहू, चंद्रकांत ने बताया कि ट्रेन गुजरने के 2 से 5 मिनट बाद भी सिग्नल नहीं मिलने से गेट बंद रहता है। इस स्थिति में लोग ज्यादा परेशान होते रहते है। वहीं कई बार सिग्नल नहीं मिलने की वजह से पटरी पर ही मालगाड़ी या यात्री ट्रेन के पहिए थम जाते है। ट्रेन आने के 5-10 मिनट पहले ही गेट को बंद कर दिया जाता है। क्षेत्र के लोग यहां अंडरब्रिज के बजाय ओवरब्रिज बनाने की मांग कर रहे है। रेलवे अंडरब्रिज में पानी सीपेज होने के कारण ओवरब्रिज बनाने का सुझाव सेतु िवभाग सर्वे कर रिपोर्ट रेलवे विभाग को सौंप चुकी है। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि पानी सीपेज होने से बघमरा रेलवे फाटक में अंडरब्रिज बनाने का औचित्य नहीं रहेगा। अगर बना भी देंगे तो अनुपयोगी साबित होगा। इस स्थिति में ओवरब्रिज बनाना ही उपयुक्त होगा। हालांकि सर्वे कब हुआ, रिपोर्ट कब सौंपा गया। इस संबंध में कोई स्पष्ट बता नहीं पा रहे है। वजह यह है कि पिछले चार साल में सेतु व रेलवे विभाग के अफसर बदल चुके हैं।


