भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से राज्य के सरकारी स्कूलों में भी आधार अपडेट करने लिए महत्वपूर्ण कदम उठाएं गए है। डायरेक्टोरेट स्कूल एजुकेशन पंजाब की ओर इसके लिए समूह जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर इसके बारे में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि राज्य के सभी स्कूलों में बच्चों के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट के लिए विशेष कैंप आयोजित करने का फैसला किया है। यह कदम भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के साथ मिलकर उठाया गया है ताकि 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के आधार बायोमेट्रिक्स को अपडेट किया जा सके। स्कूल शिक्षा (सेकेंडरी), पंजाब की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, भुवनेश कुमार, आईएएस की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के आधार नामांकन में केवल उनकी चेहरे की तस्वीर और जनसांख्यिकीय डेटा लिया जाता है। 5 और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर, उनके फिंगरप्रिंट और आईरिस बायोमेट्रिक्स को अपडेट करना अनिवार्य होता है। लेकिन यूआईडीएआई ने पाया है कि बड़ी संख्या में 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों ने अपने बायोमेट्रिक्स अपडेट नहीं कराए हैं। इसके कारण जेईई, नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान अचानक भीड़ बढ़ जाती है, जिससे बच्चों को असुविधा होती है। इस समस्या का समाधान करने के लिए, यूआईडीएआई और भारत सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने मिलकर यूडीआईएसई + एप्लीकेशन के माध्यम से एक समाधान लागू किया है। अब स्कूलों को यह जानकारी मिल सकेगी कि किन छात्रों का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है। इसके अनुसार यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों के समन्वय से, स्कूल शिक्षा विभाग अब स्कूलों में विशेष कैंप आयोजित करेगा ताकि सभी लंबित बायोमेट्रिक अपडेट्स को समय पर पूरा किया जा सके। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि बच्चों को भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं या अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की आवश्यकता पड़ने पर किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। यह कदम बच्चों के लिए आधार संबंधित सेवाओं को सुलभ और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


