बजट 2026 पर मिली-जुली प्रतिक्रिया, दवाइयां सस्ती, टैक्स व शेयर बाजार बना चिंता का कारण

भास्कर न्यूज|बारां केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार बजट पेश किया। बजट में सरकार ने स्वास्थ्य, इलेक्ट्रॉनिक्स और एनर्जी सेक्टर को राहत दी है। वहीं शराब पर टैक्स बढ़ाया गया है। सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी है।केंद्र सरकार द्वारा पेश किए बजट को लेकर भाजपा, कांग्रेस समेत व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी है। ^मोदी सरकार की ओर से पेश किया गया यह बजट विकासोन्मुख सोच, आर्थिक सुदृढ़ता और जनहित के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बजट में गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग के कल्याण को प्राथमिकता दी गई है, जो राष्ट्र के समग्र उत्थान की दिशा में एक सशक्त कदम है। यह विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला बजट है। – राधेश्याम बैरवा, विधायक बारां-अटरु ^2026 का बजट एक साफ़ संदेश देता है कि गांव, किसान और खेती अब सरकार की प्राथमिकताओं से बाहर हैं। पहली बार ऐसा बजट, जिसमें किसान का नाम तक नही, न सिंचाई, न खाद, न खेतिहर मज़दूर। यह चूक नहीं, राजनीतिक घोषणा है। – मयंक माथोड़िया, पार्षद

^केंद्रीय बजट में लगभग तीन दशकों से कार्यरत आशा सहयोगिनियों को नजरअंदाज किया गया है। कोरोना योद्धा मातृशक्ति आशा सहयोगिनियों को हर वर्ष मासिक मानदेय प्रारंभ करने एवं प्रोत्साहन राशि तीन गुणा बढ़ने की आस थी,लेकिन इस बार भी केंद्रीय बजट में आशा सहयोगिनियों को निराशा हाथ लगी। – इंद्र कुमारी सुमन, जिलाध्यक्ष, आशा सहयोगिनी कर्मचारी संघ ^बजट में सरकार ने एआई प्रशिक्षण, एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स, डिज़ाइन संस्थान, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स एवं केयर गिवर्स का प्रशिक्षण, कौशल आधारित रोज़गार, बालिकाओं के लिए छात्रावास सुविधा, स्कूल–कॉलेजों में नवाचार और खेलो इंडिया मिशन के तहत प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसरों का विस्तार किया है। – सौरभ मालव, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष

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