25 जनवरी को बयाना विधायक और पूर्व बीजेपी जिला अध्यक्ष ऋषि बंसल के पति को जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैँ। 25 जनवरी को सुबह 10:15 बजे एक महिला ने बंसल को फोन कर खुद को दाऊद इब्राहिम की बहन बताया था और जान से मारने की धमकी दी थी। मामले में पुलिस ने सिम के रिकॉर्ड खंगालकर पुणे और कोल्हापुर पहुंची। साथ ही जांच में सामने आया कि सिम से दो दिन में करीब 77 कॉल की गई थी। ऐसे में पुलिस को साइबर फ्रॉड के एंगल से भी जांच कर रही है। बयाना के एडिशनल एसपी हरिराम कुमावत ने बताया-धमकी देने वाला नंबर ट्रूकॉलर पर साइबर फ्रॉड के रूप में दर्ज है। पुलिस को आशंका है कि यह किसी साइबर अपराधी की करतूत हो सकती है। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल निकलवाई। आरोपी की लोकेशन दिल्ली के एकता पार्क यमुना विहार में मिली। पुलिस टीम वहां पहुंची, लेकिन घटना के 5:30 घंटे बाद आरोपी का फोन स्विच ऑफ हो गया। तब से अब तक फोन बंद है। जांच में पता चला कि सिम महाराष्ट्र के पुणे के आधार कार्ड से कोल्हापुर में खरीदी गई थी। सिम खरीदने वाले और वेरीफाई करने वाले व्यक्तियों के पते जांच में फर्जी निकले हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्य जुटाने में जुटी है। इस दौरान पुणे और कोल्हापुर के स्थानीय पुलिस अधिकारी से संपर्क किया और उनकी तलाश के लिए अनुरोध किया। मामले की जांच को लेकर बयाना से एक टीम महाराष्ट्र भेजी गई, लेकिन सिम के रिकॉर्ड में अंकित पुणे के एड्रेस पर उस नाम का कोई व्यक्ति कभी रहना ही नहीं पाया गया। इससे सिम के फर्जी होने की आशंका है। इसके साथ ही कोल्हापुर में सिम सर्विस प्रोवाइडर के घर पहुंच कर उसके परिजनों से मालूम किया गया तो पता चला कि उक्त व्यक्ति का पिछले 10 सालों से अपने घर पर आना जाना ही नहीं था। जांच में सामने आया कि धमकी देने वाले सिम नंबर से दो दिन में 77 कॉल्स की गई थी, इनमें कुछ कॉल साइबर ठगी के लिए देशभर में कुख्यात जामताड़ा इलाके में भी की गई थी। एएसपी ने बताया कि पुलिस टीम मामले में तकनीकी साक्ष्य के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में जुटी है। उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा होगा। पूरे मामले की उच्च अधिकारी भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।


