सोनहत | शासकीय नवीन महाविद्यालय सोनहत में बसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास और सांस्कृतिक वातावरण के बीच मनाया गया। यह आयोजन विद्या, कला और संस्कृति की देवी मां सरस्वती को समर्पित रहा। कार्यक्रम में मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर ज्ञान, विवेक और सृजनशीलता के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि बसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान और सृजनात्मकता का उत्सव है, जो युवाओं में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करता है। पूजा के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इसी अवसर पर युवाओं द्वारा समाज में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से नशा मुक्ति व देशभक्ति का सामूहिक संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय आंदोलन में उनके योगदान को स्मरण किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी शैलेष मिश्रा ने कहा कि बसंत पंचमी और नेताजी की जयंती का एक साथ होना युवाओं को यह संदेश देता है कि ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र निर्माण में करें। शिक्षकों, एनएसएस स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों ने भी नेताजी के जीवन पर विचार रखे। आभार प्रदर्शन व सामूहिक राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


